US: अमेरिकी किसानों की शिकायत पर डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख; भारतीय चावल पर अतिरिक्त टैरिफ बढ़ाने के दिए संकेत

अमेरिकी किसानों की शिकायत पर डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख

यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से अमेरिका आने वाले चावल के निर्यात पर सख्ती करने के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस में किसानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने एक बयान में कहा कि “भारत को अपना चावल अमेरिकी बाजार में नहीं खपाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा, “ऐसा न हो, हम इसका ध्यान रखेंगे।”

किसानों से मुलाकात और सस्ते चावल का आरोप

ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में किसानों और कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान ही ट्रंप ने किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की संघीय मदद का एलान भी किया।

बैठक में केनेडी राइस मिल के मालिकाना हक वाले परिवार की सदस्य मेरिल केनेडी भी मौजूद रहीं। केनेडी राइस मिल की मेरिल केनेडी ने ट्रंप से शिकायत की कि अमेरिका में विभिन्न देश अपना सस्ता चावल खपा रहे हैं, जिसके चलते अमेरिकी किसानों को बहुत संघर्ष करना पड़ रहा है।

भारत का लिया नाम

जब ट्रंप ने पूछा कि कौन से देश ऐसा कर रहे हैं, तो मेरिल ने ‘भारत, थाईलैंड और चीन’ का नाम लिया। उन्होंने बताया कि पहले अमेरिकी चावल का सबसे बड़ा बाजार प्यूर्टो रिको था, लेकिन अब ये देश वहां सस्ता चावल भेज रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या मौजूदा प्रशासन में बड़े पैमाने पर हो रही है और टैरिफ को दोगुना करने की जरूरत है।

ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाने के दिए संकेत

मेरिल केनेडी की शिकायत पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तुरंत वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से सवाल किया: “मुझे भारत के बारे में बताइए, भारत को अपना चावल अमेरिका में खपाने की इजाजत क्यों मिल रही है? उन्हें टैरिफ देना चाहिए या उन्हें चावलों पर कोई छूट मिली हुई है?” इस पर वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जवाब दिया कि भारत को कोई छूट नहीं मिली है, लेकिन उनके साथ अभी भी व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। इस पर ट्रंप ने कहा कि “इन देशों पर टैरिफ लगाकर ये समस्या बहुत आसानी से सुलझ जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में केस जीतना जरूरी है।

दरअसल अमेरिका की एक निचली अदालत ने ट्रंप प्रशासन के अलग-अलग देशों पर टैरिफ लगाने को गैर-कानूनी बताया है, जिससे यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की आधी कार और चिप बनाने वाली इंडस्ट्री इसलिए बंद हो गई हैं क्योंकि बनाने वाली कंपनियों को दूसरे देशों में प्रोडक्शन करने की इजाज़त दी गई थी। पिछली सरकारों ने US में बनने वाले इन प्रोडक्ट्स पर टैरिफ नहीं लगाया था।

वैश्विक चावल निर्यात में भारत की बड़ी हिस्सेदारी

भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक और निर्यातक देश है। भारत में सालाना 15 करोड़ टन चावल का उत्पादन होता है, जो वैश्विक उत्पादन का 28 प्रतिशत है। साल 2024-25 में दुनिया के कुल चावल निर्यात का 30 प्रतिशत अकेले भारत ने निर्यात किया। ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन के अनुसार, 2024 में भारत ने अमेरिका को 2.34 लाख टन चावल का निर्यात किया था।

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