Vrindavan News: दीपोत्सव के बाद वीकेंड पर बांके बिहारी मंदिर के रास्तों पर ‘पैर रखने की जगह नहीं’, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

दीपोत्सव के बाद वीकेंड पर बांके बिहारी मंदिर

यूनिक समय, वृंदावन। दीपावली (दीपोत्सव) के बाद वीकेंड पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ के कारण मंदिरों की नगरी वृंदावन में शनिवार को हालात बेकाबू हो गए। देश के विभिन्न शहरों से आए श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के कारण ठाकुर बांके बिहारी मंदिर, राधा बल्लभ मंदिर, निधिवन सहित अन्य मंदिरों की ओर जाने वाले सभी रास्ते पूरी तरह से पैक हो गए।

दीपोत्सव के बाद वृंदावन में भीड़ इतनी अधिक थी कि कुछ वायरल वीडियो देखकर लोग दंग रह गए। गलियों और मुख्य रास्तों पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची थी, जिससे श्रद्धालुओं को एक कदम चलना भी मुश्किल हो रहा था और मंदिर तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।

अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं के साथ मौजूद छोटे बच्चे चीख-पुकार करने लगे, जिससे श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर रोष व्यक्त किया। बांके बिहारी मंदिर जाने वाले रास्तों पर सबसे बुरा हाल था, जहाँ दूर-दूर तक केवल श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस को रस्सियों का सहारा लेना पड़ा और रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं को रोक-रोककर आगे बढ़ाना पड़ा।

पुलिस ने शहर में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों को मुख्य एंट्री प्वाइंट पर रोक दिया, जो बांके बिहारी मंदिर से लगभग 4 किमी दूर है। सामान्य दिनों में वाहन मंदिर से 500 मीटर तक आ पाते हैं।

शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण ई-रिक्शा बने, जो बेतरतीब तरीके से चल रहे थे और मुख्य रास्तों के साथ-साथ गलियों को भी जाम कर रहे थे। व्यापारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं ने दर्शन तो कर लिए, लेकिन अत्यधिक भीड़ और जाम के कारण उनका व्यापार एक पैसे का भी नहीं हुआ। अठखंभा और विद्यापीठ चौराहा से मंदिर तक की भीड़ से व्यापारी किसी अप्रिय घटना को लेकर भी चिंतित दिखे।

होटल मालिकों के अनुसार, अचानक भीड़ बढ़ने से सभी होटल और गेस्ट हाउस में रूम फुल हो गए हैं।

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