
यूनिक समय, नई दिल्ली। मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव चरम पर पहुँच गया है। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और तेहरान के कड़े रुख के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सबसे विध्वंसक सैन्य शक्ति (आर्मडा) का रुख ईरान की ओर मोड़ दिया है। दुनिया का सबसे घातक विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) अपने पूरे ‘कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ के साथ अरब सागर में ईरान की समुद्री सीमा के करीब पहुँच चुका है।
समुद्र में तैरता ‘विनाशक’ बेड़ा
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ‘आर्मडा’ करार दिया गया यह जंगी बेड़ा केवल एक जहाज नहीं, बल्कि युद्धपोतों का एक ऐसा विनाशक समूह है जो अकेले ही किसी भी देश को घुटनों पर लाने की शक्ति रखता है। इस स्ट्राइक ग्रुप में दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही ध्वस्त करने वाले गाइडेड मिसाइल क्रूजर और विध्वंसक जहाज, डेक पर तैनात F-35C लाइटनिंग II व F/A-18 सुपर हॉर्नेट जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और समुद्र की गहराई से परमाणु हमला करने में सक्षम पनडुब्बियां शामिल हैं।
ट्रंप की सीधी चेतावनी
ईरान में प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई और परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप ने तेहरान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन अगर उकसाया गया तो सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप के इस कदम को ईरान सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि उनकी “उंगलियां ट्रिगर पर हैं” और अमेरिकी बेड़े की बढ़ती हलचल का परिणाम गंभीर हो सकता है।
इजरायल हाई अलर्ट पर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल ने अपनी सेना को ‘हाई अलर्ट’ पर डाल दिया है। इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी संभावित खतरे या ईरान समर्थित समूहों के हमले का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका की ‘स्टील्थ तकनीक’ के सामने टिकने में संघर्ष कर सकता है।
क्या युद्ध की ओर बढ़ रही है दुनिया?
एशिया-पैसिफिक से रवाना होकर अरब सागर तक पहुँचे इस ‘आर्मडा’ ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। जहाँ अमेरिका इसे सुरक्षात्मक तैनाती बता रहा है, वहीं कूटनीतिज्ञों को डर है कि एक छोटी सी चिंगारी इस पूरे क्षेत्र को महायुद्ध की आग में झोंक सकती है।
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