World: डोनाल्ड ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान की इमरजेंसी लैंडिंग; बैकअप प्लेन से दावोस के लिए भरी उड़ान

Trump's plane makes emergency landing

यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्विट्जरलैंड दौरे की शुरुआत बेहद  तनावपूर्ण रही। मंगलवार शाम वॉशिंगटन से दावोस के लिए उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद राष्ट्रपति के विशेष विमान ‘एयर फोर्स वन’ को तकनीकी खराबी के कारण अचानक जॉइंट बेस एंड्रयूज वापस लौटना पड़ा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने जानकारी दी कि विमान में एक मामूली विद्युत तकनीकी समस्या (Electrical Issue) उत्पन्न हो गई थी, जिसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से एहतियातन विमान को वापस उतारने का निर्णय लिया गया।

अंधेरे में डूबा प्रेस केबिन और इमरजेंसी लैंडिंग

विमान में सवार पत्रकारों के अनुसार, टेकऑफ के कुछ ही देर बाद प्रेस केबिन की लाइटें पूरी तरह बंद हो गई थीं। हालांकि उस समय कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन उड़ान के करीब 30 मिनट बाद चालक दल ने विमान के वापस लौटने की सूचना दी। वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में सुरक्षित लैंडिंग के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल ने समय बर्बाद न करते हुए तुरंत बैकअप विमान का उपयोग किया और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक के लिए रवाना हो गए।

40 साल पुराने विमानों पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने वर्तमान एयर फोर्स वन बेड़े की विश्वसनीयता पर फिर से बहस छेड़ दी है। राष्ट्रपति के बेड़े में शामिल दोनों बोइंग विमान लगभग चार दशक पुराने हैं। हालांकि ये विमान रेडिएशन शील्डिंग और एंटी-मिसाइल सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस हैं, लेकिन इनकी उम्र अब चिंता का विषय बनती जा रही है। बोइंग नए विमानों के निर्माण पर काम कर रहा है, परंतु यह परियोजना लगातार देरी की शिकार हो रही है। इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कतर के शाही परिवार द्वारा उपहार में दिए गए नए लग्जरी बोइंग 747-8 का जिक्र करते हुए मजाकिया लहजे में कहा कि इस वक्त वह विमान ‘काफी बेहतर विकल्प’ महसूस हो रहा है।

दावोस में ट्रंप के संबोधन पर टिकी दुनिया की निगाहें

राष्ट्रपति बनने के बाद यह ट्रंप की वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहली प्रत्यक्ष उपस्थिति है। रवाना होने से पहले ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और गैस की कम कीमतों का जिक्र कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। दावोस की 56वीं वार्षिक बैठक में 130 से अधिक देशों के 3,000 वैश्विक नेता भाग ले रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में दुनिया ट्रंप के संबोधन का बेसब्री से इंतजार कर रही है, जहां वे अमेरिकी नीतियों का रोडमैप पेश करेंगे।

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