
यूनिक समय, नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने अफगानिस्तान के मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर घेरा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन करते हुए वहां हो रही सीमा पार हिंसा और मानवीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारत ने विशेष रूप से पाकिस्तान द्वारा अफगान सीमा में की गई एयरस्ट्राइक की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान की कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए उसके ‘दोहरे चेहरे’ को वैश्विक मंच पर बेनकाब किया है। राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने स्पष्ट रूप से कहा कि एक तरफ इस्लामी एकता और अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई देना और दूसरी तरफ रमजान के पवित्र महीने में बेगुनाह अफगान नागरिकों पर बेरहमी से एयरस्ट्राइक करना पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को दर्शाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, 6 मार्च 2026 तक इन हमलों में 185 निर्दोष नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें से लगभग 55% महिलाएं और बच्चे हैं, जबकि UNAMA के आंकड़ों के मुताबिक एक लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। भारत ने कड़े शब्दों में जोर दिया कि अफगान क्षेत्र पर यह एयरस्ट्राइक UN चार्टर और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन है, और किसी भी स्थिति में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अफगान क्रिकेट और युवाओं के जोश का जिक्र
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने तनावपूर्ण माहौल के बीच अफगानिस्तान के साथ अपने गहरे सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव को प्रदर्शित करते हुए अफगान क्रिकेट और युवाओं के जोश का विशेष जिक्र किया। राजदूत पर्वतनेनी ने रेखांकित किया कि आज के चुनौतीपूर्ण समय में अफगानिस्तान के युवा क्रिकेट के जरिए अपनी खुशियां और उम्मीद की नई किरण ढूंढ रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप में अफगान टीम के शानदार प्रदर्शन और खेल के प्रति उनके जुनून की पूरी दुनिया ने सराहना की है। भारत ने गर्व के साथ इस बात को दोहराया कि उसे अफगानिस्तान के इस गौरवशाली सफर का हिस्सा बनने और कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे अफगान लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने में मदद करने पर बेहद खुशी है।
व्यापार और मानवीय मदद पर भारत का पक्ष
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने अफगानिस्तान को प्रभावित करने वाली अन्य गंभीर चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए व्यापारिक बाधाओं और मानवीय संकट पर अपनी चिंता व्यक्त की है। भारत ने अफगानिस्तान के व्यापार पर लगे प्रतिबंधों और आने वाली रुकावटों को लेकर आगाह किया और वहां के समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही, भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह अफगान नागरिकों के लिए दवाइयां, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक मानवीय सहायता की निरंतर आपूर्ति जारी रखेगा। भारत का मुख्य उद्देश्य संकट की इस घड़ी में वहां की जनता को हर संभव सहारा देना और मानवीय गरिमा को बनाए रखना है।
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