
यूनिक समय, नई दिल्ली। सूडान में सत्ता के लिए लड़ रहे अर्धसैनिक बलों (रैपिड सपोर्ट फोर्सेज-RSF) ने दक्षिण कोर्दोफान राज्य के कलोगी शहर में एक किंडरगार्टन (Kindergarten) पर ड्रोन से बर्बर हमला किया है। डॉक्टरों के एक समूह द्वारा शुक्रवार देर रात जारी बयान के अनुसार, इस अर्धसैनिक बलों के हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें 33 मासूम बच्चे शामिल हैं।
दोहरे हमले का शिकार हुईं पैरामेडिकल टीमें
यह भयावह हमला गुरुवार को हुआ, और मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है क्योंकि इलाके में संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। डॉक्टरों के समूह ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंची पैरामेडिकल टीम को भी “दूसरे अप्रत्याशित हमले” का निशाना बनाया गया, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ गई।
यह हमला आरएसएफ और सूडानी सेना के बीच दो साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध का एक नया और क्रूर अध्याय है, जिसकी लड़ाई अब तेल-संपन्न कोर्दोफान क्षेत्र में केंद्रित हो गई है।
यूनिसेफ ने की कड़ी निंदा
बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन यूनिसेफ (UNICEF) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। यूनिसेफ के सूडान प्रतिनिधि शेल्डन येट ने शुक्रवार को कहा, “स्कूल में बच्चों की हत्या करना बच्चों के अधिकारों का भयावह उल्लंघन है। बच्चों को कभी भी युद्ध की कीमत नहीं चुकानी चाहिए।” उन्होंने सभी पक्षों से तत्काल ऐसे हमले रोकने और जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए सुरक्षित पहुंच देने की अपील की है।
जारी है अत्याचार और विस्थापन
कोर्दोफान के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ हफ्तों में सैकड़ों नागरिक मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने चेतावनी दी है कि कोर्दोफान में अल-फाशेर जैसे नए अत्याचार हो सकते हैं, जहां नागरिकों की हत्याएं, बलात्कार और जघन्य अपराध हुए थे।
आरएसएफ और सूडानी सेना 2023 से सत्ता के लिए लड़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 40,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 1.2 करोड़ से ज्यादा विस्थापित हुए हैं, हालांकि सहायता संगठनों का मानना है कि वास्तविक मौतों का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
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