
यूनिक समय, नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से लेकर हिमालय की पहाड़ियों तक आज धरती हिलने से हड़कंप मच गया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत राज्य के कई हिस्सों में दोपहर के वक्त भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। इससे पहले आज तड़के नेपाल के पूर्वी जिलों में भी तेज कंपन दर्ज किया गया, जिससे लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
कोलकाता में मचा हड़कंप
शुक्रवार दोपहर करीब 1:20 बजे कोलकाता में अचानक धरती डोलने से हड़कंप मच गया, जहाँ ऊँची इमारतों में रहने वाले लोगों ने पंखों और झूमरों को तेजी से हिलते देख फौरन सुरक्षित स्थानों और खुले मैदानों की ओर दौड़ लगाई। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गई है और शुरुआती वैज्ञानिक रिपोर्टों के अनुसार इसका मुख्य केंद्र पड़ोसी देश बांग्लादेश में स्थित था।
इस भूकंप के झटके न केवल कोलकाता में, बल्कि उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और हुगली जैसे राज्य के विभिन्न जिलों में भी स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है, फिर भी प्रशासन द्वारा पुरानी इमारतों में आई मामूली दरारों की सघन जाँच की जा रही है।
नेपाल में तड़के मची अफरातफरी
कोलकाता में आए भूकंप से कुछ ही घंटे पहले, शुक्रवार तड़के 3:18 बजे नेपाल के पूर्वी हिस्सों में आए तेज भूकंप ने भारी अफरातफरी मचा दी। उस समय जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी रिक्टर स्केल पर 4.7 तीव्रता वाले इन झटकों ने उन्हें झकझोर कर जगा दिया, जिसके परिणामस्वरूप लोग दहशत में कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना अपने घरों से निकलकर खुले मैदानों की ओर भागने लगे।
नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र राजधानी काठमांडू से लगभग 400 किलोमीटर पूर्व में संखुवासभा और ताप्लेजंग सीमा के समीप टोपके गोला में स्थित था। इस प्राकृतिक आपदा का प्रभाव व्यापक रहा और संखुवासभा के साथ-साथ भोजपुर, पंचथर, तेहरथुम और ताप्लेजंग जैसे पड़ोसी जिलों में भी लोगों ने तेज कंपन महसूस किया।
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