
यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से दुनिया भर के मीडिया में हलचल पैदा कर दी है। ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि उनके कार्यकाल के शुरुआती 10 महीनों में उन्होंने 8 संभावित युद्धों को रोका, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुआ भीषण सैन्य तनाव भी शामिल था। हालांकि, इस दौरान उनकी ‘जुबान फिसलने’ (Slip of Tongue) की वजह से एक बड़ा भ्रम पैदा हो गया, जिसे सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सुरक्षा से जोड़कर देखा जाने लगा।
क्या था ट्रंप का बयान और कहाँ हुई चूक?
कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध छिड़ सकता था। 35 मिलियन (3.5 करोड़) लोगों ने मुझसे कहा कि अगर मैं बीच में नहीं आता, तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मारे जाते।” सच्चाई क्या है? व्हाइट हाउस के सूत्रों और स्पीच ट्रांसक्रिप्ट के विश्लेषण से साफ हुआ है कि ट्रंप असल में यह कहना चाहते थे कि “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री (शहबाज शरीफ) ने खुद कहा था कि अगर ट्रंप मध्यस्थता नहीं करते, तो परमाणु युद्ध में 3.5 करोड़ (35 मिलियन) लोगों की जान चली जाती।” लेकिन बोलते समय शब्दों के हेर-फेर ने ऐसा आभास दिया जैसे शहबाज शरीफ की जान को खतरा था, जिससे इंटरनेट पर मीम्स और गलत खबरों की बाढ़ आ गई।
8 युद्ध रोकने का ‘क्रेडिट’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में स्वयं को एक ‘शांति दूत’ के रूप में प्रस्तुत करते हुए आठ बड़े युद्धों को रोकने का श्रेय लिया है और वैश्विक शांति स्थापना का दावा किया है। उन्होंने विशेष रूप से भारत-पाकिस्तान संघर्ष का उल्लेख करते हुए यह कहा कि मई 2025 का सैन्य तनाव एक विनाशकारी ‘न्यूक्लियर वॉर’ में बदल सकता था, जिसे उन्होंने अपनी प्रभावी कूटनीति के माध्यम से सफलतापूर्वक रोका।
इसके अतिरिक्त ट्रंप ने कंबोडिया-थाईलैंड, इजराइल-ईरान, आर्मेनिया-अजरबैजान और सर्बिया-कोसोवो जैसे देशों के बीच चल रहे गंभीर संघर्षों में शांति स्थापित करने का श्रेय भी स्वयं को दिया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनकी सख्त नीतियों के कारण ही आज अमेरिका एक बेहद मजबूत स्थिति में खड़ा है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्धों पर विराम लग रहा है।
मीडिया में मची खलबली
ट्रंप के इस बयान के बाद पाकिस्तान में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ट्रंप पाक PM की जान बचाने का श्रेय ले रहे हैं, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि संकेत 3.5 करोड़ आम नागरिकों की जान बचाने की ओर था। गौरतलब है कि शहबाज शरीफ ने पूर्व में ट्रंप की मध्यस्थता की सराहना की थी, जिसका हवाला देते हुए ट्रंप अपनी पीठ थपथपा रहे थे।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Leave a Reply