
यूनिक समय, नई दिल्ली। राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। समिट के भीतर अचानक हुए इस हंगामे और नारेबाजी से हड़कंप मच गया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता तकनीकी रूप से पूरी तैयारी के साथ आए थे। वे आधिकारिक QR कोड के जरिए समिट में प्रवेश पाने में सफल रहे। कार्यक्रम के दौरान अचानक चार कार्यकर्ताओं ने अपने कपड़े उतारकर अर्धनग्न अवस्था में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए।
पहचान किए गए प्रदर्शनकारी:
- कृष्णा हरि: राष्ट्रीय सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस
- कुंदन यादव: बिहार राज्य सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस
- अजय कुमार: उत्तर प्रदेश राज्य उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस
- नरसिम्हा यादव: राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस
यूथ कांग्रेस का आरोप
प्रदर्शन के बाद इंडियन यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक तीखा पोस्ट साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति कॉरपोरेट दबाव में झुकी हुई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जब नीति में चुप्पी हावी हो, तो साफ है कि प्रधानमंत्री ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे देश की अस्मिता से कोई समझौता नहीं होने देंगे।
बीजेपी का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी ने भारत मंडपम में हुई इस घटना को भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और वैश्विक छवि पर एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हमला करार दिया है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे समय में जब भारत एक प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट की मेजबानी कर रहा है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना दुनिया के सामने देश को शर्मिंदा करने वाला कृत्य है।
इसी क्रम में बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘देश विरोधी हरकत’ और ‘अर्बन नक्सल’ जैसा व्यवहार बताते हुए सीधा आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को देश के विकास से नफरत हो गई है और वे अब वैश्विक मंचों पर भारत के अपमान की राजनीति करने पर उतर आए हैं।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में, जहाँ दुनिया भर के टेक लीडर्स और राजनयिक मौजूद थे, वहां प्रदर्शनकारियों का भीतर तक पहुँच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस सभी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं से पूछताछ कर रही है कि वे सुरक्षा जांच को चकमा देने में कैसे सफल रहे।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Leave a Reply