
यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत की उभरती हुई शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने 2025 फिडे महिला शतरंज वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने फाइनल मुकाबले में अनुभवी ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को टाईब्रेकर में हराकर न सिर्फ खिताब जीता, बल्कि अपने खेल करियर में पहली बार ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव भी हासिल किया।
दोनों क्लासिकल गेम्स ड्रॉ पर समाप्त हुए थे, जिसके बाद मुकाबला टाईब्रेकर में पहुंचा। टाईब्रेकर की पहली बाजी में दिव्या ने सफेद मोहरों से खेलते हुए हम्पी को ड्रॉ पर रोका, जबकि दूसरी बाजी में काले मोहरों से खेलते हुए उन्होंने जीत दर्ज की। इस तरह दिव्या ने 2.5-1.5 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।
इस जीत के साथ ही दिव्या देशमुख फिडे महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। साथ ही वह देश की चौथी महिला ग्रैंडमास्टर बन गई हैं। टूर्नामेंट की शुरुआत में उनके पास कोई ग्रैंडमास्टर नॉर्म नहीं था, लेकिन लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर ली।
दिव्या की इस उपलब्धि के साथ वह हम्पी, डी हरिका और आर वैशाली की सूची में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रैंडमास्टर बनकर किया है।
खास बात यह भी रही कि 18 वर्षीय दिव्या ने अपने से दोगुनी उम्र की हम्पी को हराकर यह खिताब जीता। भावनाओं में बहकर उन्होंने कहा, “मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि मैंने यह सब हासिल कर लिया है। टूर्नामेंट से पहले मेरे पास कुछ भी नहीं था, और अब मैं ग्रैंडमास्टर हूं। शायद यह किस्मत भी थी।”
इस जीत से दिव्या ने 2026 में होने वाले महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है, जहां यह तय होगा कि मौजूदा विश्व चैंपियन चीन की जू वेनजुन को चुनौती कौन देगा।
यह जीत भारतीय महिला शतरंज के लिए मील का पत्थर है और दिव्या देशमुख अब भारत की नई शतरंज आइकन बनकर उभरी हैं।
ये भी पढ़ें:- Jasprit Bumrah Retirement: मोहम्मद कैफ का बड़ा बयान, जसप्रीत बुमराह जल्द ले सकते है टेस्ट क्रिकेट से संन्यास
Leave a Reply