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संतों ने किया ऐलान : न्याय न मिला तो 60 दिन बाद छेड़ेंगे बड़ा आन्दोलन

by Raju Chaurasia • July 25, 2022
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संतों ने की बाबा विजय राघव दास मामले की सीबीआई जांच की मांग

वरिष्ठ संवाददाता
यूनिक समय/ बरसाना/ कामां। संतों ने राजस्थान सरकार पर संत विजय राघव दास की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी ऐलान कर दिया है कि यदि 60 दिन में उन्हें न्याय न मिला तो वे फिर बड़ा आन्दोलन छेड़ने के लिए बाध्य हो जाएंगे।

उनका यह आरोप है कि राजस्थान की गहलौत सरकार ने जान बूझकर ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दीं कि संत विजय राघव दास को आखिर जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कांगेस के छोटे—बड़े सभी नेता खनन माफिया से लाभ उठाते रहे हैं। इसीलिए खनन मंत्री यह कहने से भी चूकते नहीं दिखाई दिए कि वहां पर हो रहा खनन पूरी तरह से वैध है तथा ठेकेदार सरकार को पूरा राजस्व जमा कर रहा है। फिर चाहे हमारी संस्कृति, हमारी सदियों पुरानी थाती ही मिट्टी में क्यों न मिला दी जा रही हो।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा बनाई गई चार सांसदों की कमेटी भरतपुर के पसोपा गांव पहुंची। पासोपा गांव में चल रहे धरने के बीच 20 जुलाई को बाबा विजय दास ने आत्मदाह का प्रयास किया और 22 जुलाई की रात उनका निधन हो गया था। टीम ने सभी स्थलों का निरीक्षण कर बरसाना की माताजी गौशाला में वहां के संत—महात्माओं से मुलाकात कर पूरे हाल जाने। इस टीम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, सीकर सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद सत्यपाल सिंह, उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक सांसद बृजलाल यादव आदि शामिल थे। माताजी गौशाला के संस्थापक पद्मश्री रमेश बाबा ने कहा कि राजस्थान सरकार ब्रज संस्कृति को बचाने के लिए कोई कार्य नहीं कर रही है। डीग, कांमा की पहाड़ियों में कृष्ण कालीन चिन्ह हैं उनको खनन माफिया नष्ट कर रहे हैं।

राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली आदिबद्री व कनकांचल पहाड़ों को बचाने के लिए संतों को 550 दिन से भी ज्यादा लंबे समय तक आंदोलन करना पड़ा। संतों को पूरा विशवास हो गया था कि माफिया का पूरा जाल यहां पर है और प्रदेश सरकार का पूरा संरक्षण उनके ऊपर है। यहां पर अवैध खनन चलता रहेगा। इससे कनकांचल और आदि बद्री पर्वत बचेगा नहीं। तभी उन लोगों ने ऐसा फैसला किया कि जिसके बारे में सामान्य स्थिति में तो सोचना भी मुमकिन नहीं है। लेकिन अब सरकार के लोग अब अपनी गर्दन फंसते देख बचने के लिए एक-एक व्यक्ति को डराने और धमकाने का काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर भरतपुर सांसद रंजीता कोली, भाजपा राजस्थान प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, भरतपुर जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेश सिंह व उपाध्यक्ष निहाल मीणा, माताजी गौशाला के राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील दास, मानपुर, चिकसौली के प्रधान तथा भाजपा के जिला महामंत्री प्रेम श्रोत्रिय आदि उपस्थित थे।

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