कर्नाटक में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की मंगलवार को बेरहमी से हत्या कर दी गई। नेट्टारू भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव थे। हालांकि, अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वारदात मृतक भाजपा कार्यकर्ता की दुकान के सामने हुई। प्रवीण पोल्ट्री की दुकान चलाते थे। जब वो दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी हमलावर बाइक पर आए और उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद उन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वो वहीं गिर पड़े। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 27 जुलाई को संसद परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा- इस मामले में सोशल मीडिया के जरिए संदेश मिल रहा है कि इसमें SDPI और PFI का लिंक है। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन कांग्रेस ने केरल और कनार्टक में SDPI और PFI को बढ़ावा दिया है। वहां पर हमारी जो सरकार है वो मामले में सख्त कार्रवाई करेगी और आरोपी को गिरफ्तार करेगी। बता दें कि हिंदू नेताओं की हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बंगाल, कश्मीर और केरल में भी कई लोगों की बेरहमी से हत्या की जा चुकी है। चंद्रकांत सिंह - आरएसएस नेता कब हुई हत्या - 10 अप्रैल, 2019 कहां- किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जिला अस्पताल के पास एक आतंकी द्वारा आरएसएस नेता चंद्रकांत सिंह और उनके निजी सुरक्षा गार्ड की हत्या कर दी गई। इस हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों ने पूरे जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कमलेश तिवारी - हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कब हुई हत्या - अक्टूबर, 2019 कहां - लखनऊ हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी का इस्लामी कट्टरपंथियो ने बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी थी। दरअसल, दो अज्ञात लोग भगवा कपड़े पहनकर कमलेश तिवारी से मिलने आए। इसके बाद उन्होंने धारदार हथियारों से कमलेश तिवारी पर हमला कर दिया। हत्यारे गुजरात के सूरत से आए थे। बन्धु प्रकाश - आरएसएस कार्यकर्ता कब हुई हत्या - 8 अक्टूबर 2019 कहां - मुर्शिदाबाद बंगाल के मुर्शिदाबाद इलाके में आरएसएस कार्यकर्ता बंधु प्रकाश पाल के अलावा उनकी 7 माह की प्रेग्नेंट पत्नी और 8 साल के बेटे की धारदार हथियारों से गला काटकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने सभी को झकझोर दिया था। पुलिस ने शुरुआत में इसे पर्सनल वजहों से की गई हत्या बताया था। रंजीत बच्चन - विश्व हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कब हुई हत्या - 2 फरवरी, 2020 कहां - लखनऊ विश्व हिंदू महासभा के नेता रंजीत बच्चन की 2 फरवरी, 2020 को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हिंदूवादी नेता रंजीत बच्चन ने 2 शादियां की थीं। रंजीत की मौजूदा पत्नी ने उन पर केस भी किया था, लेकिन बाद में समझौता कर लिया था। भास्कर बेरा - बीजेपी नेता कब हुई हत्या - 13 नवबंर, 2021 कहां - पूर्व मेदिनीपुर पूर्व मेदिनीपुर जिले के भगवानपुर में बीजेपी नेता भास्कर बेरा का सड़क किनारे शव मिला। परिजनों के मुताबिक, भास्कर को घर से बुलाकर खटियार गांव ले जाया गया और वहीं उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बीजेपी ने इस हत्या का आरोप टीएमसी के स्थानीय कार्यकर्ताओं पर लगाया। भास्कर बेरा बीजेपी के बूथ स्तरीय महासचिव थे। मानस साहा - बीजेपी उम्मीदवार कब हुई हत्या - 22 सितंबर, 2021 कहां - 24 परगना दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट पश्चिम से बीजेपी के उम्मीदवार और मथुरापुर के बीजेपी उपाध्यक्ष मानस साहा पर टीएमसी के गुंडों ने उस समय हमला किया था, जब वो 2 मई को बीजेपी समर्थकों के साथ डायमंड हार्बर कॉलेज के मतगणना केंद्र से लौट रहे थे। टीएमसी के गुंडों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। एसके श्रीनिवासन - आरएसएस कार्यकर्ता कब हुई हत्या - 16 अप्रैल, 2022 कहां - पलक्कड़ केरल के पलक्कड़ जिले के मेलामुरी इलाके में दुकान में घुसकर बाइक सवार बदमाशों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता एसके श्रीनिवासन (45) की सरेआम तलवारों और चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। पिछले साल नवंबर में भी इसी इलाके में एक अन्य आरएसएस कार्यकर्ता संजीत की हत्या कर दी गई थी। संजीत की हत्या का आरोप SDPI पर है। विपिन शर्मा - हिंदू संघर्ष सेना के जिला प्रधान कब हुई हत्या - 30 अक्टूबर, 2017 कहां - अमृतसर पंजाब के अमृतार में दोपहर करीब चार बजे हिंदू संघर्ष सेना के जिला प्रधान विपिन शर्मा की हत्या कर दी गई। विपिन को 15 गोलियां मारी गईं। यह वारदात तब हुई जब विपिन शर्मा बटाला रोड स्थित मेन बाजार से एक बैठक के बाद अपने घर प्रीत नगर (भारत नगर) की तरफ पैदल ही लौट रहे थे। दो सिख नौजवानों ने उन पर गोलियां बरसाईं थीं। अर्जुन चौरसिया - बीजेपी कार्यकर्ता कब हुई हत्या - 6 मई, 2022 कहां - कोलकाता कोलकाता के काशीपुर इलाके में बीजेपी कार्यकर्ता अर्जुन चौरसिया का शव फंदे से लटका मिला। अर्जुन चौरसिया के परिवार का आरोप है कि उन्हें चुनाव के बाद से ही धमकी मिल रही थी। अर्जुन 5 मई को दोपहर में काम पर जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वह रात तक वापस नहीं लौटे। शुक्रवार को उनका शव रेलवे क्वार्टर में फंदे पर लटका मिला। कृष्णा पात्रा - बीजेपी कार्यकर्ता कब हुई हत्या - 11 मई, 2022 कहां - पूर्व मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल में पूर्व मेदिनीपुर जिले के मोयना विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी कार्यकर्ता कृष्णा पात्रा की हत्या कर दी गई। उनका शव रहस्यमय परिस्थितियों में मिला। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कृष्णा का घर से अपहरण करने के बाद टीएमसी के बदमाशों ने उनकी हत्या की है। पात्रा के परिजनों ने भी हत्या के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।