नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा लॉन्च किया गया आदित्य-एल1 सूर्य की ओर बढ़ रहा है। इसे पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर L1 प्वाइंट पर स्थापित किया जाएगा. इस सफर के दौरान आदित्य एल1 ने सेल्फी ली. इसरो ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया. https://twitter.com/isro/status/1699663615169818935?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1699663615169818935%7Ctwgr%5E9e6ca93139aa4ecbf5d3c73c022b3b7cdd697d5a%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.asianetnews.com%2Fnational-news%2Fisro-sun-mission-aditya-l1-takes-a-selfie-clicks-images-of-earth-and-moon-vva%2Farticleshow-ot69z3i इस वीडियो को इसरो ने शेयर किया है. तस्वीर में आदित्य-एल1 का हिस्सा देखा जा सकता है। इसके अलावा आप वीडियो में यह भी देख सकते हैं कि अंतरिक्ष से पृथ्वी कैसी दिखती है। वीडियो का सबसे अहम हिस्सा वह हिस्सा है जहां पृथ्वी और चंद्रमा एक ही फ्रेम में नजर आ रहे हैं. भारत का अब तक का पहला सौर मिशन - Aditya L1 गौरतलब है कि आदित्य एल-1 भारत का पहला सौर मिशन है। इसे 2 सितंबर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से PSLV-C57 रॉकेट से लॉन्च किया गया था। PSLV-C57 ने आदित्य L-1 को निम्न-पृथ्वी कक्षा (निचली कक्षा जिसमें वाहन पृथ्वी की परिक्रमा करता है) में लॉन्च किया है। इसके बाद आदित्य एल-1 ने दो बार सफलतापूर्वक ऑर्बिटर मनुवर किया है। इससे आदित्य एल-1 की कक्षा अंडाकार हुई है। इस तरह आदित्य एल-1 धरती से दूर और सूर्य के करीब जा रहा है। आदित्य एल-1 दो और ऑर्बिटर मनुवर करेगा इसके बाद लैग्रेंज बिंदु L1 की ओर बढ़ेगा। लॉन्च होने के बाद से एल1 बिंदु तक पहुंचन में आदित्य एल1 को 125 दिन लगने वाले हैं। यह भी पढ़े -G20: पीएम मोदी कर रहे हैं मेहमानों का स्वागत इसरो के अनुसार आदित्य-एल1 मिशन को सूर्य के ऊपरी वायुमंडल (क्रोमोस्फीयर और कोरोना) के साथ सौर हवा के साथ इसके संबंधों का अध्ययन करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य सौर वातावरण में मौजूद आयनित प्लाज्मा की भौतिकी का अध्ययन करना है। अंतरिक्ष यान उन तंत्रों की जांच करेगा जो सौर कोरोना को गर्म करते हैं।