22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इनके अलावा देश और दुनिया के 7,000 से ज्यादा वीवीआईपी लोगों को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें से 4000 साधू संत भी आमंत्रित हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर यह अफवाह भी चली कि कार्यक्रम के लिए जगदगुरू शंकराचार्यों को आमंत्रित नहीं किया गया है। इस पर अब विश्व हिंदू परिषद ने बयान जारी किया है और अफवाहों से बचने की सलाह दी है। https://twitter.com/vinod_bansal/status/1744058520776171966?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1744058520776171966%7Ctwgr%5E8f9efb7492d622cfc3bd657417da9918558a0b24%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.asianetnews.com%2Fnational-news%2Fram-mandir-pran-pratishtha-four-shankaracharyas-invited-for-consecration-ceremony-says-vindo-bansal-xadm%2Farticleshow-vsvaxmd विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें साफ लिखा है कि- श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव हेतु चारों पू. जगद्गुरु शंकराचायों को निमंत्रित किया गया है। दुष्प्रचार के माध्यम से समाज में दरार, भ्रांति व भ्रम फैलाने वाले बाज आएं। इस पोस्ट पर यूजर्स ने भी कमेंट किए हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए विश्व हिंदू परिषद का धन्यवाद भी किया है। हाल ही में कुछ बातें सोशल मीडिया पर शेयर की गईं थी, जिसमें शंकराचार्य का नाराजगी भी सामने आई थी लेकिन विश्व हिंदू परिषद के पोस्ट से अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल आ गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। मंदिर के सामने खुले मंच पर लोगों के लिए कुर्सियां लगाई जाएंगी। एक केंद्रीय शिखर बनाया जाएगा जबकि दो पार्श्व शिखर होंगे। कार्यक्रम के दौरान 6000 कुर्सियां लगाई जाएंगी और यह व्यवस्था ऐसी होगी कि सभी को मंदिर के दर्शन होते रहेंगे। इसके अलावा देश भर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था की गई है।