Wed, Jun 24th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

कलेक्ट्रेट सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन की समीक्षा करते डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह।

by Shivam Kumar • October 10, 2024
Advertisement
Ad

पराली वेस्ट नहीं वेल्थ है, करें समुचित प्रबंधन: डीएम
फसल अवशेष प्रबंधन की समीक्षा

वरिष्ठ संवाददाता
यूनिक, संवाददाता, मथुरा । जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन की समीक्षा बैठक ली। जिलाधिकारी ने कहा कि पराली वेस्ट नहीं वेल्थ है। पराली का समुचित प्रबंधन की जाए। कृषकों को जागरूक एवं प्रेरित किया जाए। उन्हें बताएं कि फसल अवशेष खेतों में जलाने से नुकसान है। कृषक फसल अवशेष का सदुपयोग करें खेतों में नहीं जलाएं। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित यंत्रों यथा-कम्बाईन हार्वेस्टर, एसएमएस, स्टॉबेलर आदि के बारे में जानकारी दें। उन्होंने कहा कि किसान फसलों के अवशेष (खूंटी, पुआल, भूसा आदि) को खेतों में नहीं जलाए इसके लिए जिलास्तर पर विभिन्न विभागों यथा-कृषि विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, सहकारिता विभाग, पंचायती राज विभाग आदि को समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करना है।

किसानों द्वारा खेतों में फसल अवशेष को जलाने से मिट्टी, स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव के बारे में उन्हें जागरूक करने की आवश्यकता है।  उन्होंने कहा कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जाय। आत्मा एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित करेंगे। खेतों में फसल अवशेष को जलाने के बदले खेत की सफाई के लिए बेलर मशीन का प्रयोग, फसल के अवशेष को खेतों में जलाने के बदले वर्मी कंपोस्ट बनाने, मिट्टी में मिलाने, पलवार (मल्चिग) विधि से खेती आदि में व्यवहार कर मिट्टी को बचाना आदि, हैप्पी सीडर से गेहूं की बोआई का प्रत्यक्षण को प्रोत्साहित करें।

पंचायत स्तर पर आयोजित किसान चौपाल तथा कृषि विभाग के अन्य कार्यक्रमों में फसल अवशेष न जलाने के संबंध में किसानों को जागरूक करें। सभी कृषि सचिव तथा लेखपाल अपने अपने क्षेत्रों में पराली को गौशालाओं तक पहुंचाने का उप जिलाधिकारी, डीपीआरओ तथा बीडीओ के निर्देशन में कार्य करेंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विजय शंकर दुबे, उप कृषि निदेशक राजीव कुमार, डीसी मनरेगा विजय  पांडेय, डीडीओ गरिमा खरे, डीपीआरओ किरन चौधरी, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.