
यूनिक समय, नई दिल्ली। बकरीद से एक दिन पहले, आज 6 जून को जुमे की नमाज़ अदा की जाएगी। इस मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने देशभर के इमामों को एक पत्र लिखकर कुछ अहम मुद्दों को अपने संबोधन में शामिल करने की अपील की है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने पत्र में कहा है कि जुमे की नमाज़ के दौरान इमामों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश देना चाहिए और खासतौर पर पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी घटनाओं की कड़ी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की कायराना हरकतों के खिलाफ आवाज़ उठाना ज़रूरी है।
इसके साथ ही उन्होंने भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र किया, जिसमें आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया गया था। रजवी ने कहा कि नमाज़ के दौरान लोगों को इस ऑपरेशन की सफलता के बारे में भी बताया जाना चाहिए, जिससे देश के प्रति एकता और समर्थन का भाव मजबूत हो।
हाल के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जहां कुछ राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों द्वारा कुर्बानी पर रोक की मांग की गई है, रजवी ने साफ कहा कि ईद-उल-अजहा कोई नई परंपरा नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक रस्म है जो साढ़े चौदह सौ वर्षों से निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुसलमान किसी भी हाल में कुर्बानी की परंपरा से पीछे नहीं हट सकते क्योंकि यह इस्लाम की एक अहम पहचान है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की यह अपील एकजुटता, सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक परंपराओं की रक्षा के सन्देश के रूप में देखी जा रही है।
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