
यूनिक समय, नई दिल्ली। आतंकवाद के विरुद्ध भारत की कार्रवाई को अमेरिका का पूर्ण समर्थन मिला है। हाल ही में अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। यह बयान भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई कार्रवाई और पहलगाम आतंकी हमले के बाद आया है।
शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने वॉशिंगटन में उप विदेश मंत्री लैंडाउ से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भयावहता और उसके जवाब में भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस बातचीत को सकारात्मक और स्पष्ट बताया।
क्रिस्टोफर लैंडाउ ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बैठक को शानदार बताया और कहा कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और भारत व्यापार, वाणिज्य और रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं को आगे बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
इस मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने भी बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने भारत के प्रति अमेरिकी समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए सहयोग को मजबूत करना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य सीनेटर क्रिस वान होलेन से भी मुलाकात की और पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा की। सीनेटर होलेन ने आतंकवाद के पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया।
इसके अतिरिक्त, थरूर ने सीनेटर कोरी बुकर से भी फोन पर बातचीत की, जिसे उन्होंने ‘सकारात्मक और गर्मजोशी से भरी’ बताया। प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न दलों के सांसद शामिल थे, जिनमें सरफराज अहमद, गंटी हरीश, शशांक मणि त्रिपाठी, भुवनेश्वर कलिता, मिलिंद देवड़ा, तेजस्वी सूर्या और अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत संधू शामिल हैं।
भारत द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध उठाए गए कदमों को अमेरिका का स्पष्ट समर्थन मिला है। यह साझेदारी दोनों देशों के बीच सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग और वैश्विक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।
Leave a Reply