
यूनिक समय, नई दिल्ली। अहमदाबाद विमान हादसे को 45 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं। भारत, अमेरिका और ब्रिटेन सहित 8 से ज्यादा एजेंसियां जांच में जुटी हैं। हादसे की असली वजह जानने के लिए एयर इंडिया विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जो टेल सेक्शन में फंसा मिला।
ब्लैक बॉक्स दरअसल दो हिस्सों में बंटा होता है –
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR): विमान की स्पीड, ऊंचाई, दिशा, इंजन परफॉर्मेंस जैसी तकनीकी जानकारी रिकॉर्ड करता है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR): पायलटों की बातचीत, इंजन और अलार्म जैसी ध्वनियां रिकॉर्ड करता है।
पायलट सुमित सभरवाल का आखिरी मैसेज था – “MAYDAY, थ्रस्ट नहीं मिल रहा… प्लेन ऊपर नहीं उठ रहा… नहीं बचेंगे।” इससे साफ है कि उन्होंने आखिरी पल तक विमान बचाने की कोशिश की।
ब्लैक बॉक्स ऑरेंज क्यों होता है?
हालांकि इसे ‘ब्लैक बॉक्स’ कहा जाता है, पर इसका रंग चमकीला ऑरेंज होता है ताकि मलबे में आसानी से देखा जा सके। यह स्टील या टाइटेनियम जैसी मजबूत धातु से बना होता है और पानी में 30 दिन तक सिग्नल भेज सकता है।
अगर जांच भारत में हुई तो रिपोर्ट 4-5 दिनों में आ सकती है, और अगर अमेरिका भेजा गया, तो इसमें 15 दिन तक लग सकते हैं।
इस हादसे में अब तक 297 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 241 यात्री विमान में और 56 जमीन पर मारे गए। माना जा रहा है कि पायलट की सूझबूझ से और बड़ा नुकसान टल गया।
ब्लैक बॉक्स की जांच से ही पता चलेगा कि हादसे की वजह तकनीकी गड़बड़ी थी या कोई और कारण। इसकी रिपोर्ट पूरे हादसे की सच्चाई सामने लाएगी।
Leave a Reply