
यूनिक समय, नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मूसलाधार बारिश के कारण हालात बेहद गंभीर हो गई हैं। जिले के धर्मपुर और लौंगणी इलाकों में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे भारी तबाही हुई है। करसोग घाटी में आई बाढ़ में करीब 7 से 8 मकान बह गए हैं और 9 लोगों के लापता होने की खबर है।
बादल फटने और तेज बारिश के चलते नाले का पानी रिहायशी इलाके में घुस गया, जिससे लगभग आठ घर और दो दर्जन से ज्यादा वाहन इसकी चपेट में आ गए। पंडोह क्षेत्र में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां नाले का पानी गांव में भर गया। इससे लोग आधी रात को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए। पंडोह पुलिस कैंप ने प्रभावित लोगों को अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया है।
धर्मपुर में नदी का जलस्तर करीब 20 फीट तक बढ़ गया, जिससे बाजार और बस अड्डा पूरी तरह जलमग्न हो गए। थुनाग में नाले ने सड़क का रूप ले लिया, जिससे मुख्य बाजार क्षेत्र में पानी भर गया। कई घरों में पानी घुस जाने से लोगों को पूरी रात जागकर बितानी पड़ी। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है और सड़कों पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
कुल्लू जिले की बंजार घाटी में भी तीर्थन नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे दर्जनों सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मौसम विभाग ने 01 जुलाई से 06 जुलाई तक हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विशेष रूप से आज के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक घरों में ही रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि आगामी कुछ घंटों में बारिश और तेज हो सकती है, इसलिए सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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