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Pune Municipal Elections: एक मंच पर नजर आए अजित पवार और सुप्रिया सुले; साझा घोषणापत्र किया जारी

by Tarun Bhardwaj • January 10, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक और भावुक दृश्य देखने को मिला। पुणे नगर निगम (PMC) और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (PCMC) चुनावों के लिए एनसीपी (अजित पवार) और एनसीपी (शरद पवार) ने न केवल गठबंधन किया, बल्कि अपना संयुक्त घोषणापत्र भी जारी किया। इस दौरान लंबे समय बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार और सांसद सुप्रिया सुले एक ही मंच पर नजर आए, जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। दोनों गुटों ने स्पष्ट किया कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के विकास के लिए वे एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती देंगे।

विकास और स्थिरता का वादा

मंच साझा करते हुए अजित पवार ने कहा, “हमारा एकमात्र लक्ष्य पुणे के नागरिकों को स्थिरता और तेज विकास देना है। भाजपा के शासन में विकास की गति रुक गई थी, जिसे हम दोबारा बहाल करेंगे।” वहीं सुप्रिया सुले ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह संयुक्त मंच विपक्ष को एक मजबूत संदेश देगा कि जब बात जनता के हितों की आती है, तो हम अपनी ताकत को बिखरने नहीं देंगे।

एनसीपी के संयुक्त घोषणापत्र के 10 मुख्य ‘मास्टरस्ट्रोक’

पुणेवासियों को लुभाने के लिए गठबंधन ने वादों की झड़ी लगा दी है:

  • 500 वर्ग फीट तक के घरों पर कोई प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लिया जाएगा।
  • PMPML बस और मेट्रो में सभी नागरिकों के लिए मुफ्त सफर की सुविधा।
  • हर बच्चे के लिए ‘पुणे मॉडल स्कूल’ और छात्रों को मुफ्त कंप्यूटर टैबलेट।
  • हर घर को नल से प्रतिदिन स्वच्छ और पर्याप्त पानी।
  • सुरक्षित सड़कें और यातायात की बेहतर व्यवस्था।
  • नियमित कचरा प्रबंधन और शहर की पूर्ण सफाई।
  • अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नए अस्पतालों का निर्माण।
  • प्रदूषण नियंत्रण और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण।
  • झुग्गी-झोपड़ियों का व्यवस्थित पुनर्वास और पुरानी इमारतों का नवीनीकरण।
  • भ्रष्टाचार मुक्त और जिम्मेदार नगर निगम।

15 जनवरी को महामुकाबला

महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को मतदान होना है। चुनाव आयोग ने इस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है और 70% से अधिक मतदान का लक्ष्य रखा है। अकेले पिंपरी-चिंचवाड़ में 17.13 लाख मतदाता 128 पार्षदों के भाग्य का फैसला करेंगे।

2017 से 2022 तक भाजपा ने यहाँ शासन किया, लेकिन अब एनसीपी के दोनों गुटों के एक साथ आने से भाजपा के लिए अपनी साख बचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। अजित पवार ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य में सरकार होने के बावजूद भाजपा ने स्थानीय विकास को दरकिनार किया।

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