
यूनिक समय, नई दिल्ली। आज सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि जो भी BRICS देशों की “anti‑American” नीतियों का समर्थन करेंगे, उन पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाया जाएगा—“No exceptions” उनकी शर्त थी।
ब्राजील (Rio de Janeiro) में आयोजित BRICS 2025 सम्मेलन में चीन, भारत, रूस, साउथ अफ्रीका, मिस्र, ईरान समेत कुल 11 देशों ने ईरान पर नए अमेरिकी और इजरायली हमलों की तीखी निंदा की। बयान में कहा गया कि इस हमले को अवैध माना जाता है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले की निंदा की गई और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने, सीमा पार फंडिंग रोकने, सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करने और दोहरे मानदंडों को खत्म करने की अपील की गई ।
अमेरिकी टैरिफ वृद्धि की आलोचना की गई — कहा गया कि ऐसे unilateral tariff से “global trade weaken हो सकता है और supply chains में बाधा आ सकती है”।
भारत पहले ही अमेरिका के साथ mini/trade deal की ओर बढ़ रहा है, जहाँ Trump प्रशासन 9 जुलाई तक ‘deal‑or‑tariff’ की अंतिम चेतावनी दे रहा है।
क्या भारत टैरिफ बढ़ोतरी से प्रभावित हो सकता है?
Trump की extra 10% टैरिफ केवल उन BRICS देशों पर लागू होगी जो उसकी “anti‑American” नीतियों का समर्थन करेंगे। चाहे भारत हाल के BRICS बयान में शामिल था, लेकिन उसने स्पष्ट किया है कि भारत किसी भी anti‑US मुद्रा पॉलिसी का हिस्सा नहीं बना है।
इसके बावजूद, Trump की नीतियों ने भारत‑US trade ties पर असर डाला है—भारत अपने oil imports बढ़ाकर trade imbalance को कम करने की कोशिश कर रहा है और एक mini‑deal की दिशा में भी काम कर रहा है।
यहां महत्वपूर्ण है कि “anti‑American policy” की परिभाषा Trump ने स्पष्ट नहीं की, जिससे भारत को सावधान रहना होगा और US से बात करनी होगी।
Trump ने BRICS पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है, उन नीतियों को लक्षित करते हुए जो US विरोधी मानी जाएंगी।
फिलहाल भारत पर किसी टैरिफ घटक का खतरा कम है, क्योंकि भारत ने स्पष्ट किया है कि वह US विरोधी किसी नीति का समर्थन नहीं करता।
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