
यूनिक समय, गोवर्धन।
मध्यप्रदेश की महाकाल नगरी उज्जैन से बुधवार को कान्हा दरबार मित्र मंडल की भक्ति टोली ब्रजधाम स्थित गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए पहुँची। इस आध्यात्मिक यात्रा का नेतृत्व गुरु पंडित संतोष जी व्यास ने किया। टोली में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ भाग लिया।
गोवर्धन आगमन पर गिरिराज आर्ट गैलरी सौख अड्डा पर केशव देव सैनी द्वारा गुरु संतोष जी व्यास सहित सभी श्रद्धालुओं का माल्यार्पण और दुपट्टा पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद भक्तों ने गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा आरंभ की, जो ब्रज क्षेत्र की एक अत्यंत पुण्यदायी धार्मिक परंपरा मानी जाती है।परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज को दूध की धारा से अभिषेक कर अपनी आस्था व्यक्त की। वातावरण “जय गिरिराज धरणी की” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण माहौल का निर्माण किया।गुरु पंडित संतोष जी व्यास ने बताया कि यह यात्रा न केवल आत्मिक शांति का मार्ग है, बल्कि सामूहिक भक्ति की शक्ति का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उज्जैन से हर वर्ष इस प्रकार की तीर्थ यात्राएँ आयोजित की जाती हैं।
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