Thu, Jun 25th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Malegaon Blast Verdict: NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपी बरी

by Tarun Bhardwaj • July 31, 2025
मालेगांव विस्फोट मामले में NIA कोर्ट का बड़ा फैसला

Malegaon Blast Verdict: NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपी बरी

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। मालेगांव विस्फोट मामले में NIA कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इनमें भोपाल से पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।

29 सितंबर, 2008 को नासिक के मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल से बंधे विस्फोटक उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। इससे पहले, एनआईए के विशेष न्यायाधीश ए.के. लाहोटी ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश होने को कहा था। ऐसे में, जब विशेष NIA न्यायाधीश ए.के. लाहोटी की अदालत ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में फैसला सुनाया, तो पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सात आरोपी मौजूद थे।

इस मामले में पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने एक आरोपी समीर कुलकर्णी के खिलाफ मुकदमे पर रोक लगा दी है। भोपाल से पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा इस मामले की सबसे प्रमुख आरोपी थीं। अप्रैल 2017 में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें और अन्य आरोपियों को ज़मानत दे दी थी। प्रज्ञा को 5 लाख रुपये के निजी मुचलके पर ज़मानत मिली थी। इस मामले में उन्हें लगभग 8 साल जेल में बिताने पड़े।

आज के NIA कोर्ट फैसले में, प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल प्रसाद पुरोहित के अलावा, मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी और सुधाकर चतुर्वेदी को एनआईए अदालत ने बरी कर दिया है। इन सभी पर गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मुकदमा चल रहा था।

ये भी पढ़ें:- बाँके बिहारी कॉरिडोर: सुप्रीम कोर्ट की गोस्वामी वकीलों को कड़ी फटकार – “यह चालबाजियाँ अब बंद करो!

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.