
यूनिक समय, नई दिल्ली। यूपी में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके कारण नदियों से सटे 17 ज़िले बाढ़ की चपेट में हैं। रविवार को अलग-अलग ज़िलों में बारिश की वजह से नौ लोगों की मौत हो गई, वहीं सोमवार सुबह सीतापुर ज़िले में दीवार गिरने से दो किशोरियों की जान चली गई। इसे मिलाकर पिछले 24 घंटे में बारिश से होने वाली मौतों की संख्या 11 पहुँच गई है। भारी बारिश को देखते हुए राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। वे अधिकारियों और राहत विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे। टीम-11 में शामिल मंत्रियों ने भी रविवार को बाढ़ प्रभावित ज़िलों का निरीक्षण किया।
वर्तमान में प्रदेश के 17 ज़िले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन ज़िलों की 37 तहसीलें और 402 गाँव बाढ़ की चपेट में हैं।
बाढ़ प्रभावित ज़िले और राहत कार्य
बाढ़ प्रभावित ज़िलों में कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मिर्ज़ापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन सभी ज़िलों में राहत कार्य तेज़ी से चलाए जा रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के जवान चौबीसों घंटे गश्त कर रहे हैं।
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि 17 ज़िलों में कुल 84,392 लोग प्रभावित हैं, जिनमें से 47,906 लोगों को राहत सामग्री दी जा चुकी है। बाढ़ की वजह से 2,759 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 343 लोगों के मकानों को नुकसान पहुँचा है, जिनमें से 327 लोगों को सहायता राशि मिल चुकी है।
यूपी में मानसून सक्रिय होने से 4,015 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 493 नावों और मोटरबोट की सहायता से राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है। इन इलाकों में अब तक 6,536 खाद्यान्न पैकेट और 76,632 लंच पैकेट बांटे गए हैं। इसके अलावा, 29 लंगरों के ज़रिए पीड़ितों को भोजन की सुविधा दी जा रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में मंत्रियों का रात्रि विश्राम
राज्य सरकार के मंत्री बाढ़ प्रभावित इलाकों में रात्रि विश्राम कर स्थिति का जायजा लेंगे:
- नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’: प्रयागराज, मिर्ज़ापुर व बांदा
- स्वतंत्र देव सिंह और संजय गंगवार: जालौन
- स्वतंत्र देव सिंह और प्रतिभा शुक्ला: औरैया
- रामकेश निषाद: हमीरपुर
- जयवीर सिंह: आगरा
- सुरेश खन्ना: वाराणसी
- संजय निषाद: कानपुर देहात
- धर्मवीर प्रजापति: इटावा
- अजीत पाल: फतेहपुर
- दयाशंकर ‘दयालु’: बलिया
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