
यूनिक समय, मथुरा। हथिनी कुंड से छोड़े गए पानी का असर अब मथुरा में साफ नजर आने लगा है। मथुरा में यमुना में बढ़ता जल स्तर खतरे के निशान को छूने के प्रयास में है। शेरगढ़- नौहझील के बीच का रास्ता पूरी तरह से पानी में डूब गया। वृंदावन में केशीघाट की सीढ़ियां पूरी तरह से डूब गई। मथुरा में विश्रामघाट पर पानी हिलोरे मारने लगा। यमुना में हिलोरे मारते हुए आगे बढ़ते पानी से अब निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। खादर क्षेत्र में बसी आबादी को अलर्ट कर दिया है।
इस बीच डीएम चंद्र प्रकाश सिंह तथा एसएसपी श्लोक कुमार ने तहसील मांट के ग्राम पंचायत डांगोली बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया।
कल सायं हथिनी कुंड से छोड़े गए एक लाख क्यूसेक पानी बड़ी तेजी के साथ आगे बढ़ते हुए मथुरा तक आ गया। दिल्ली में बाढ़ की स्थिति को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक्शन मूड़ में है। उनकी नजर निरंतर यमुना का बढ़ते जल स्तर पर है। दिल्ली से आगे बढ़ते हुए पानी का असर मथुरा जिले की सीमा शेरगढ़-नौहझील मार्ग पर साफ दिखाई दे रहा है। यहां दोनों कसबों के बीच रास्ता बाधित हो गया है। लोगों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। इसके बाद वृंदावन में मुख्य केशी घाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। यमुना के घाटों पर होने वाली आरती में बाधा हो रही है। देवराहा घाट पर भी यमुना हिलोरे मार रही है। मथुरा के विश्राम घाट पर यमुना चढ़ गई है। नजारा देखकर भक्त यमुना महारानी की जय-जयकार करने लगे।
प्रयाग घाट पर यमुना का जल स्तर 165.81 था। यहां पर पानी चेतावनी को पार कर चुका है। कयास लगाए जा रहे हैं कि संभवत रात को यमुना में हिलोरे मारता पानी खतरे के निशान को अपने आगोश में ले लेगा। गोकुल बैराज से आगरा के लिए सायं चार बजे 82040 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
यमुना में बढ़ते जल स्तर को लेकर खादर क्षेत्र में बसी आबादी के लोगों के माथे पर टेंशन साफ दिखाई दे रही है। आशंका जाहिर की जा रही है कि यदि रात को पानी घरों की ओर बढ़ा तो कहां रहेंगे।
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