Fri, Jun 5th, 2026
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मथुरा: 15 दिन की अनुमति की आड़ में पूरे महीने चल रहा अवैध मिट्टी खनन का खेल

by Tarun Bhardwaj • August 18, 2025
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यूनिक समय, फरह (मथुरा)। 15 दिन में एक बार खनन की अनुमति के प्रपत्र की आड़ में पूरे महीने मिट्टी खनन का खेल चल रहा है। ट्रैक्टर पर अनुमति का कागज चिपका कर सुबह से ही ट्रैक्टर परखम पुलिस चौकी क्षेत्र के कई गांवों में दौड़ते नजर आते हैं। परखम , धाना खेंमा और करनपुर चौराहे के आसपास से ट्रॉलियों में मिट्टी भरकर ट्रैक्टर हर सुबह कस्बा और आसपास के क्षेत्र में मिट्टी डालने में जुड़ जाते हैं।

शासन ने प्रावधान बनाया है कि एक ट्राली मिट्टी के लिए एक किसान अनुमति ले सकता है। इसके लिए जन सेवा केंद्र से ढाई सौ रुपया की फीस जमा कर आवेदन किया जाता है। आवेदन के बाद 15 दिन में एक ट्राली खनन की अनुमति मिल जाती है। शासन की इस अनुमति का मिट्टी खनन माफिया जमकर फायदा उठा रहे हैं। ट्रैक्टर पर अनुमति का पत्र चिपकाकर माफिया के दर्जनों ट्रैक्टर पूरे महीने मिटटी खनन का काम करते हैं। अवैध मिट्टी खनन का यह काम पर काम परखम, मुस्तफाबाद के अलावा धाना खेंमा और करनपुर, मखदूम आदि गांव में चलता है। दिखावे के लिए ट्रैक्टर पर फावड़े रख दिए जाते हैं, जिससे कोई टोके तो अनुमति और फावड़े से मिट्टी खोदना दर्शाया जा सके।

परखम चौकी क्षेत्र में चल रहे मिट्टी के अवैध खनन में करीब तीन दर्जन वाहन जुटे हुए हैं। ट्रैक्टर ट्रालियों से यह मिट्टी भरकर कस्बा और आसपास के क्षेत्र में निर्माणाधीन प्लॉटों में डाली जाती है। एक ट्राली के एवज में खनन माफिया 600 से आठ सौ रुपये वसूलता है। 15 दिन में एक बार मिट्टी खनन करने की अनुमति के नियम की आड़ में माफिया एक ट्रैक्टर ट्राली से 30 दिन खनन का काम करता है।

थाना क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में मिट्टी खनन का खेल पुलिस से सेटिंग करके हो रहा है। माफिया सुबह-सुबह ही मिट्टी खनन में वाहनों को जुटा देता है। पुलिस को साधकर हर महीने करीब 1000 ट्राली से ज्यादा मिट्टी का खनन किया जाता है।

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