
यूनिक समय, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण रियासी जिले में माता वैष्णो देवी धाम की ओर जाने वाले यात्रा मार्ग पर बड़ा भूस्खलन हो गया है। इस दर्दनाक हादसे में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि 20 से 25 लोग घायल हुए हैं। यह भूस्खलन अर्द्धकुंवारी गुफा मंदिर के पास हुआ, जिसने यात्रा मार्ग को बुरी तरह प्रभावित किया है। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के बाद यात्रा को रोक दिया गया है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका है और सेना तथा प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
पिछले चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जम्मू संभाग में 2014 के बाद सबसे भीषण जल तबाही मचाई है। संभाग की सभी प्रमुख नदियां, जिनमें तवी, चिनाब, रावी और सेवा शामिल हैं, खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 12 स्थानों पर बंद है। चक्की पुल पठानकोट पर बाढ़ के कारण जम्मू, उधमपुर और कटड़ा आने वाली 18 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि जम्मू से श्रीनगर जाने वाली दो उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं।
जम्मू में तवी नदी पर बने भगवतीनगर पुल का एक हिस्सा धंस गया है। इसके अलावा, किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर बना एक लोहे का पुल बह गया है और दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे पुल निर्माण को भी नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित क्षेत्रों में सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जम्मू के कई निचले इलाकों से लोगों को बाहर निकाला गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद, जम्मू संभाग के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय आज बंद रहेंगे।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लगातार बारिश के मद्देनजर जम्मू में बाढ़ से निपटने के उपायों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट बनाए रखने और सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। वहीं अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, मैं स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखने के लिए श्रीनगर से जम्मू के लिए अगली उपलब्ध उड़ान से जाऊंगा।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं जताई हैं। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा कि जम्मू संभाग के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। सभी जिलों में आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और जिला अधिकारियों को युद्धस्तर पर तैनात किया गया है। सभी से सुरक्षित रहने, परामर्शों का पालन करने और सभी आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया जा रहा है।
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