
यूनिक समय, नई दिल्ली। बैंक महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से अब उन्हें घर के साथ-साथ कार खरीदने के लिए भी विशेष लोन सुविधाएँ प्रदान कर रहे हैं। इन विशेष योजनाओं में ब्याज दरों में 0.8% तक की कटौती, कम प्रोसेसिंग फीस, और कार के ऑन-रोड प्राइस का 10% तक लीन शामिल है, जबकि सामान्य खरीदारों को अमूमन 80% तक ही लोन मिलता है।
लोन के लिए योग्यता और शर्तें
विशेष लोन सुविधाएँ उठाने के लिए महिला को प्राथमिक आवेदक (Primary Applicant) के रूप में लोन के लिए आवेदन करना आवश्यक है। कार का रजिस्ट्रेशन भी महिला के नाम पर ही होना चाहिए। 21 से 65 वर्ष की आयु वाली सैलरीड या सेल्फ-एम्प्लॉयड महिलाएं आवेदन कर सकती हैं।
वैध केवाईसी दस्तावेज, आय प्रमाण, अच्छा क्रेडिट स्कोर (750 से ऊपर बेहतर), और चुकौती का ट्रैक रिकॉर्ड होना सामान्य मानक हैं।
सुविधा और कारण
लोन की रकम को कार की ऑन-रोड प्राइस तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे महिला खरीदारों को शुरुआती लागत कम करनी पड़ती है। आवेदन प्रक्रिया सरल है और लोन की मंजूरी भी तेजी से हो जाती है। आरबीआई की रेपो रेट 5.5% पर स्थिर होने के कारण बैंकों को यह जेंडर-स्पेसिफिक ऑफर्स देने में सहूलियत हुई है।
कैप्री लोन्स के मुख्य व्यवसाय अधिकारी अमित सेतिया के अनुसार, महिला कार ऋण आवेदकों को मानक दरों पर छूट मिलती है। इसके अतिरिक्त, कम प्रोसेसिंग शुल्क और लचीले ऋण पुनर्भुगतान विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे महिलाओं के लिए कार खरीदना आसान हो जाता है।
बाजार में बढ़ता रुझान
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये सुविधाएँ कार बाजार में महिलाओं की हिस्सेदारी को और बढ़ाएंगी। वित्त वर्ष 2023-24 तक भारत में 26% नई कारें महिलाएं खरीद रही थीं, और मार्च 2025 तक इस बाजार में उनकी हिस्सेदारी 46% तक पहुँच गई है। ये विशेष कार लोन स्कीम्स वाहन बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें जिम्मेदार उधारकर्ता के रूप में मान्यता देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
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