
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मंगलवार की सुबह मौत बनकर आए घने कोहरे ने लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जबरदस्त तांडव मचाया। मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के मंगलम स्कूल के पास दृश्यता शून्य होने के कारण एक के बाद एक कई वाहन आपस में टकरा गए। यह हादसा इतना भीषण था कि ट्रकों के परखच्चे उड़ गए और नेशनल हाईवे घंटों तक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का गवाह बना रहा। हादसे में दो ट्रक चालकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बस में सवार 16 यात्री लहूलुहान हो गए।
दुर्घटना की शुरुआत तब हुई जब सबसे आगे चल रहा एक ट्रक कोहरे के कारण अपना संतुलन खो बैठा और हाईवे के डिवाइडर पर जा चढ़ा। इसके पीछे आ रहे वाहन चालक कोहरे की वजह से इस स्थिति को भांप नहीं पाए और देखते ही देखते तीन और ट्रक, एक जनरथ बस और एक कार आपस में टकराते चले गए। यह हादसा ‘ इतना घातक था कि ट्रकों के केबिन बुरी तरह पिचक गए, जिनमें दबकर दो चालकों ने दम तोड़ दिया। कार में सवार दंपती की किस्मत अच्छी रही कि वे इस भीषण भिड़ंत में बाल-बाल बच गए, लेकिन जनरथ बस में सवार यात्रियों के लिए यह सुबह किसी डरावने सपने जैसी रही।
लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सीओ अतुल सिंह ने बताया कि कुल 16 घायलों को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल सुल्तानपुर भेजा गया है, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर घंटों से बाधित यातायात को सुचारू कराया। प्रशासन ने इस भीषण हादसे के बाद वाहन चालकों से अपील की है कि वे कोहरे के दौरान गति सीमा का पालन करें और हेडलाइट व फॉग लाइट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
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