
यूनिक समय, नई दिल्ली। बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतों के बढ़ते प्रभाव ने अब सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। शुक्रवार रात फरीदपुर में मशहूर रॉक स्टार और बॉलीवुड फिल्मों जैसे ‘गैंगस्टर’ में अपनी आवाज दे चुके गायक जेम्स (महमूद उज़ ज़मान) के कंसर्ट पर भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में ईंट-पत्थर चलने से 20 से अधिक लोग घायल हो गए, जिसके बाद कार्यक्रम को आनन-फानन में रद्द करना पड़ा।
संगीत के मंच पर ईंट-पत्थर का तांडव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जेम्स का कंसर्ट रात करीब 9 बजे शुरू होने वाला था, तभी एक बेकाबू भीड़ ने कार्यक्रम स्थल में घुसकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने जेम्स के कंसर्ट में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए दुख जताया। उन्होंने लिखा कि देश में सांस्कृतिक केंद्रों जैसे ‘छायानाट’ और ‘उदिची’ को जलाकर राख किया जा रहा है और अब कलाकारों पर सीधे हमले हो रहे हैं।
जिहादियों के डर से कलाकारों ने मोड़ा मुंह
तस्लीमा नसरीन ने खुलासा किया कि बांग्लादेश में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने वहां आने से मना कर दिया है। उस्ताद अलाउद्दीन खान के पोते सिराज अली खान ढाका आए थे, लेकिन असुरक्षा के कारण भारत लौट गए। उस्ताद राशिद खान के बेटे अरमान खान ने ढाका का निमंत्रण ठुकराते हुए कहा कि वे “संगीत से नफरत करने वाले जिहादियों” के बीच नहीं जाना चाहते।
शेख हसीना का हमला
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा “यूनुस सरकार के शासन में हिंसा अब सामान्य बात हो गई है। उनके जाने के बाद से अराजकता कई गुना बढ़ गई है, और उन्होंने अल्पसंख्यकों पर हमलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “हिंसा आम बात हो गई है, जबकि अंतरिम सरकार या तो इसे मानने से इनकार करती है या इसे रोकने में नाकाम है। ऐसी घटनाएँ बांग्लादेश को अंदर से अस्थिर करती हैं और हमारे पड़ोसियों के साथ हमारे संबंधों पर भी असर डालती हैं, जो जायज़ चिंता के साथ देख रहे हैं। जब आप अपनी सीमाओं के अंदर बुनियादी व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर आपकी विश्वसनीयता खत्म हो जाती है।”
चुनाव से पहले बढ़ता तनाव
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों से पहले माहौल बेहद तनावपूर्ण है। कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से कट्टरपंथी गुट और अधिक आक्रामक हो गए हैं। अंतरिम सरकार के दावों के बावजूद पत्रकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थानों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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