
यूनिक समय, नई दिल्ली। राजस्थान की राजधानी जयपुर के चौमूं इलाके में हाल ही में हुए भीषण पथराव और बवाल के बाद प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह से ही प्रशासन की टीम भारी पुलिस जाब्ते और बुलडोजरों के साथ पठान मोहल्ला पहुंची, जहां उपद्रवियों द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को ढहाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
नोटिस की मियाद खत्म, एक्शन शुरू
प्रशासन ने पथराव मामले में चिन्हित किए गए 24 आरोपियों के अवैध रूप से बने मकानों और दुकानों पर पहले ही नोटिस चस्पा कर दिए थे। इन लोगों को 1 जनवरी तक का समय अपना पक्ष रखने या अवैध निर्माण हटाने के लिए दिया गया था। अल्टीमेटम खत्म होते ही आज सुबह नगर परिषद और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की।
करीब 20 से अधिक अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों और उनके बाहर सड़कों पर किए गए अतिक्रमण (सीढ़ियां और रैंप) को जमींदोज किया गया। उन पत्थरबाजों के मकानों के अवैध हिस्सों को ढहाया जा रहा है, जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था।
ड्रोन कैमरों ने खोली बड़ी ‘साजिश’ की पोल
प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई के पीछे ड्रोन कैमरों से मिली फुटेज का बड़ा हाथ है।जांच के दौरान जब पठान मोहल्ले में ड्रोन उड़ाए गए, तो हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। कई घरों की छतों पर भारी मात्रा में ईंट-पत्थर और कांच की बोतलें पहले से जमा कर रखी गई थीं। प्रशासन का मानना है कि यह अचानक हुआ हमला नहीं था, बल्कि पत्थरों और बोतलों का स्टॉक मिलना इस बात का संकेत है कि टीम पर हमले की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी।
विवाद का मुख्य कारण
पूरा विवाद कलंदरी मस्जिद के बाहर सालों से पड़े बड़े पत्थरों को हटाने को लेकर शुरू हुआ। इन पत्थरों की वजह से इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या रहती थी। मस्जिद कमेटी के साथ सहमति बनने के बाद जब टीम पत्थर हटाने पहुंची, तो अचानक भीड़ ने हमला कर दिया। इस मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
दूसरी ओर, इस प्रकरण में राजनीतिक मोड़ भी देखने को मिला है। कथित तौर पर बैनर फाड़ने के आरोप में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी और पूर्व मंत्री श्रीरामुलु सहित 11 नेताओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे चौमूं इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर की शांति भंग करने वालों और अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Leave a Reply