
यूनिक समय, नई दिल्ली। गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों की सामूहिक आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला सिर्फ एक सुसाइड नहीं, बल्कि एक खतरनाक ऑनलाइन ट्रैप का खुलासा करता है जिसे ‘Korean Love Game’ कहा जा रहा है। प्यार और जज्बात की आड़ में खेला जाने वाला यह खेल बच्चों के दिमाग को इस कदर प्रोग्राम कर देता है कि वे मौत को ही अपना आखिरी ‘अचीवमेंट’ मान लेते हैं।
क्या है ‘Korean Love Game’?
यह कोई साधारण गेम नहीं है जिसे आप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकें। यह एक चैट-बेस्ड टास्क गेम है जो डार्क वेब, टेलीग्राम और गुप्त लिंक्स के जरिए किशोरों तक पहुँचता है। यह गेम भारत में बढ़ते कोरियन ड्रामा (K-Drama) और संगीत (K-Pop) के क्रेज का इस्तेमाल करता है। गेम में एक अनजान व्यक्ति या एआई बॉट खुद को कोरियन लड़का/लड़की बताकर बच्चों से दोस्ती करता है। मीठी बातों और रोमांटिक मैसेज के जरिए बच्चों को भावनात्मक रूप से अपना गुलाम बना लिया जाता है। इसमें यूजर को अपने ‘वर्चुअल पार्टनर’ के प्रति प्यार साबित करने के लिए टास्क दिए जाते हैं। शुरुआत गाने सुनने या देर रात तक बात करने से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह ‘सेल्फ-हार्म’ (खुद को चोट पहुँचाने) तक पहुँच जाता है।
हैरानी की बात यह है कि यह गेम किसी आधिकारिक ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। इसे टेलीग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स और गुप्त यूआरएल (Secret Links) के जरिए फैलाया जा रहा है।
कैसे एक टास्क ने उजाड़ दिया परिवार?
गाजियाबाद की तीनों बहनें—विशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12)—इस गेम के मायाजाल में इस कदर फंस चुकी थीं कि उन्होंने बाहरी दुनिया से नाता तोड़ लिया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गेम पुराने ‘ब्लू व्हेल’ पैटर्न पर आधारित है। इसमें कुल 50 टास्क होते हैं। 50वें टास्क के रूप में यूजर को अपनी जान देने का चैलेंज दिया जाता है। सुसाइड नोट में लिखी यह लाइन— “अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे”—साफ दर्शाती है कि उन बच्चियों के लिए गेम का वह काल्पनिक रिश्ता उनके असल माता-पिता के प्यार से बड़ा हो चुका था। क्योंकि तीनों बहनें एक साथ गेम खेल रही थीं, उन्होंने इस ‘मौत के टास्क’ को भी एक साथ पूरा करने का फैसला किया और 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि किशोर उम्र में बच्चे अक्सर ‘वर्चुअल रिश्तों’ में असली प्यार तलाशने लगते हैं। अगर आपका बच्चा भी अचानक परिवार से कटने लगे और अकेले रहने लगे, रात-रात भर जागकर फोन का इस्तेमाल करे, अपने शरीर पर अजीबोगरीब निशान बनाए या बात-बात पर चिड़चिड़ा हो जाए, स्कूल या खेलकूद में दिलचस्पी पूरी तरह खत्म कर दे। तो यह एक गंभीर चेतावनी है। गाजियाबाद पुलिस अब बच्चियों के फोन की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि इस खूनी खेल के पीछे के असली मास्टरमाइंड तक पहुँचा जा सके।
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