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Stock Market: आईटी और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 893 अंक टूटा; निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला

by Tarun Bhardwaj • June 23, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ता की शुरुआत बेहद निराशाजनक रहने के बाद, दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी दलाल स्ट्रीट पर मंदी का हाहाकार जारी रहा। सपाट शुरुआत के बावजूद बाजार देखते ही देखते बिकवाली के भारी दबाव में आ गया।

लगातार दूसरे दिन चौतरफा बिकवाली के चलते दिग्गज सूचकांक सेंसेक्स करीब 900 अंक लुढ़क गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 23,900 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए काफी नीचे बंद हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों में आई तेज गिरावट ने पूरे बाजार की धारणा को मटियामेट कर दिया। बाजार में मचे इस हाहाकार के कारण महज एक ही दिन में निवेशकों की करीब छह लाख करोड़ रुपये की पूंजी डूब गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट

मंगलवार को दिनभर के उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 893.39 अंक (यानी 1.15%) की बड़ी गिरावट के साथ 76,200.68 के स्तर पर जाकर बंद हुआ। ठीक इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 278.81 अंक (यानी 1.16%) की तगड़ी चोट खाकर 23,824.10 के स्तर पर सिमट गया। दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने अपनी शुरुआती बढ़त और स्थिरता को गंवाते हुए दिन के निचले स्तरों के करीब क्लोजिंग दी, जिससे रिटेल निवेशकों में डर का माहौल है।

बाजार में क्यों मची यह चौतरफा तबाही?

शेयर बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार के धराशायी होने के पीछे मुख्य रूप से आईटी और मेटल इंडेक्स में हुई भारी बिकवाली जिम्मेदार रही, जिसमें निफ्टी आईटी इंडेक्स वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों के चलते दो फीसदी से भी अधिक टूटकर सबसे बड़ा लूजर साबित हुआ। इसके साथ ही, पिछले कुछ समय से बेहतर प्रदर्शन कर रहे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय क्षेत्रों के शेयरों में निवेशकों द्वारा जमकर की गई मुनाफावसूली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना दिया। रही-सही कसर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार जारी बिकवाली और घरेलू मोर्चे पर बढ़ती अनिश्चितता ने पूरी कर दी, जिसके कारण बाजार इस चौतरफा दबाव को संभाल नहीं पाया।

फार्मा और स्मॉलकैप शेयरों ने संभाला एक मोर्चा

इस भीषण मंदी और लाल निशान में डूबे बाजार के बीच भी कुछ सेक्टर्स ने जुझारू रुख अपनाते हुए निवेशकों को थोड़ी राहत दी। फार्मा (दवा) और स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) क्षेत्र के शेयरों में आज के सत्र में अच्छी रक्षात्मक खरीदारी देखने को मिली।

अस्थिरता के इस दौर में निवेशकों ने फार्मा शेयरों को एक सुरक्षित विकल्प के रूप में चुना। इसके अलावा, लार्जकैप इंडेक्स की तुलना में मझोले और छोटे पूंजी वाले (Midcaps & Smallcaps) सूचकांकों ने बाजार के विपरीत जाकर कुछ हद तक मजबूती दिखाने की कोशिश की। हालांकि, यह बढ़त मुख्य सूचकांकों को गिरावट के गर्त से बाहर निकालने के लिए नाकाफी साबित हुई। बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए विश्लेषकों ने ट्रेडर्स को बेहद सतर्क रहने और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही बने रहने की सलाह दी है।

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