यूनिक समय, बरसाना। ब्रजभूमि आस्था, भक्ति और अटूट संकल्पों की भूमि है, जहाँ अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो इंसानी इच्छाशक्ति की सीमाओं को पार कर जाती हैं। ऐसा ही एक हैरतअंगेज और दिल को छू लेने वाला मामला धार्मिक नगरी बरसाना से सामने आया है। यहाँ आगरा का रहने वाला एक 13 वर्षीय मासूम अपनी दिवंगत दादी की पावन स्मृति और उनके सपने को पूरा करने के लिए हाथों के बल यानी 'हैंड वॉकिंग' करते हुए बरसाना की 7 किलोमीटर की बेहद कठिन परिक्रमा कर रहा है। शनिवार को कड़कती धूप और थकान के कारण अचानक तबीयत बिगड़ने के बावजूद इस नन्हे भक्त का हौसला नहीं डगमगाया और वह राधारानी का जयकारा लगाते हुए लगातार आगे बढ़ता रहा। 8 साल की उम्र से कर रहा था कड़ा अभ्यास आगरा के प्रतीक विहार फेस-2 के रहने वाले कमलेश गुप्ता के 13 वर्षीय पुत्र आराध्य गुप्ता नौवीं कक्षा के छात्र हैं। आराध्य के मन में बचपन से ही गोवर्धन (21 किलोमीटर) या वृंदावन (15 किलोमीटर) की परिक्रमा हाथों के बल करने की तीव्र इच्छा थी। जब उसने अपने इस संकल्प के बारे में परिवार को बताया, तो पिता कमलेश गुप्ता ने दूरी और कठिनाई को देखते हुए उसे समझाया। इसके बाद परिवार की सलाह पर आराध्य ने राधारानी के धाम बरसाना की 7 किलोमीटर की परिक्रमा करने का मन बनाया। आराध्य की मां सीमा गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही अत्यंत धार्मिक प्रवृत्ति का है। उसकी एक जुड़वा बहन आराध्या गुप्ता भी है और पूरे परिवार में भक्ति का माहौल है। इस कठिन संकल्प को पूरा करने के लिए आराध्य कोई एक-दो दिन से नहीं, बल्कि जब वह महज 8 साल का था (पिछले 5 सालों से), तभी से रोजाना हाथों के बल चलने का कड़ा अभ्यास कर रहा था। तबीयत बिगड़ी पर नहीं थमे कदम आराध्य ने अपने इस पावन सफर की शुरुआत बीते गुरुवार (25 जून 2026) को बरसाना के मुख्य शिवराम चौक से की थी। पहले दिन अद्भुत ऊर्जा के साथ आराध्य ने हाथों के बल करीब ढाई किलोमीटर की दूरी तय कर ली। हालांकि, शुक्रवार को लगातार हाथ के बल चलने की वजह से उसका स्वास्थ्य थोड़ा नासाज हो गया, जिसके चलते वह उस दिन केवल 1 किलोमीटर ही आगे बढ़ सका। शनिवार को एक बार फिर तबीयत में थोड़ा सुधार होते ही आराध्य ने अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया और करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी और तय की। अब तक ढाई दिनों के भीतर वह मान मंदिर होते हुए साढ़े 5 किलोमीटर का सफर पूरा कर चुका है। आराध्य का लक्ष्य है कि वह रविवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन और शुभ अवसर पर बरसाना की इस 7 किलोमीटर की परिक्रमा को सफलतापूर्वक पूरा कर ले। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DaF0B4TAlwE/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] "यह सिर्फ यात्रा नहीं, मेरी आस्था और प्रेम का संकल्प है" परिक्रमा मार्ग पर जिसने भी इस 13 साल के बच्चे को हाथों के बल चलते देखा, वह अपनी सुध-बुध खो बैठा। स्थानीय निवासी, तीर्थयात्री और संत समाज जगह-जगह फूल-मालाएं पहनाकर और आरती उतारकर इस नन्हे भक्त का स्वागत कर रहे हैं। हर कोई उसके इस हैरतअंगेज जज्बे और हौसले की मुक्त कंठ से सराहना कर रहा है। परिक्रमा के दौरान आराध्य की मां सीमा गुप्ता भी साये की तरह उसके साथ चल रही हैं और हर कदम पर उसका उत्साह बढ़ा रही हैं। अपने संकल्प के बारे में बात करते हुए आराध्य गुप्ता ने भावुक होकर कहा, "मैं यह परिक्रमा अपनी दिवंगत दादी की पावन स्मृति और उनके सपने को पूरा करने के लिए कर रहा हूँ। मेरे लिए यह केवल कोई साधारण धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह राधारानी के प्रति मेरी श्रद्धा, प्रेम और अटूट आस्था से जुड़ा एक संकल्प है। श्रीजी की कृपा रही तो मैं कल पूर्णिमा के दिन इसे पूरा कर लूंगा और भविष्य में गोवर्धन और वृंदावन की परिक्रमा भी इसी तरह हाथों के बल चलकर ही पूरी करूँगा।" नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Ketan Agarwal Case: सिया के भाई साहिल से पुलिस की 10 घंटे पूछताछ; पिछले 6 महीने में चेतन संग सिया की 2000 से ज्यादा कॉल ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]