यूनिक समय, वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन के इस्कॉन गौशाला परिक्रमा मार्ग स्थित पांच मंजिला 'भक्तमाल कुंज गेस्ट हाउस' में गुरुवार सुबह शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि गेस्ट हाउस की ऊपरी मंजिलों से धुएं का गुबार आसमान छूने लगा, जिससे वहां ठहरे श्रद्धालुओं में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय महाराष्ट्र समेत देश के कई अन्य राज्यों से आए सैकड़ों श्रद्धालु गेस्ट हाउस में रुके हुए थे। दर्शन कर लौटे तो सुलग रही थी इमारत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के समय अधिकांश श्रद्धालु ठाकुर जी के दर्शन करने के लिए मंदिरों में गए हुए थे। जब वे दर्शन कर वापस लौटे, तो गेस्ट हाउस की तीसरी और ऊपरी मंजिलों से आग की ऊंची-ऊंची लपटें और काला धुआं बाहर निकल रहा था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे इमारत के अंदर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। तीसरी मंजिल पर फंसे कुछ श्रद्धालुओं के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था। ऐसे में उन्होंने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए कमरे की खिड़की के कांच तोड़े और बेडशीट (चादरों) को आपस में बांधकर रस्सी बनाई, जिसके सहारे वे जान जोखिम में डालकर नीचे उतरे। इस खौफनाक मंजर को देखकर नीचे खड़े लोगों की सांसें अटक गईं। स्थानीय लोग बने 'देवदूत' हादसे की भनक लगते ही स्थानीय लोग और आसपास के दुकानदार तुरंत मौके की ओर दौड़े। दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को सूचना देने के साथ ही स्थानीय युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला। जांबाजी दिखाते हुए लोगों ने आसपास से फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन सिलेंडर) जुटाए और अपनी जान की परवाह किए बिना धधकती इमारत में घुस गए। दमकल की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने अग्निशमन सिलेंडरों की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया। स्थानीय लोगों की इसी त्वरित तत्परता और बहादुरी के चलते एक बहुत बड़ी त्रासदी होने से टल गई और कई मासूम श्रद्धालुओं की जान सुरक्षित बच गई। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/Dakfbt9DEeP/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] बिना फायर NOC के चल रहा था गेस्ट हाउस इस हादसे ने वृंदावन में अवैध रूप से संचालित हो रहे होटल और गेस्ट हाउसों के काले कारोबार की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों और प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, यह पांच मंजिला आलीशान भवन बिना किसी आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) और बिना फायर एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से गेस्ट हाउस के रूप में कमर्शियल इस्तेमाल के लिए चलाया जा रहा था। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वृंदावन की तंग गलियों और परिक्रमा मार्ग पर बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे सभी होटलों और गेस्ट हाउसों की तुरंत चेकिंग की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी श्रद्धालु की जान के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे को ‘हनीमून सुइट’ बनाना पड़ा भारी; रेलवे का बड़ा एक्शन, टिकट चेकर सस्पेंड ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]