यूनिक समय, मथुरा। कान्हा की नगरी मथुरा और वृंदावन में अगले तीन दिनों तक श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अपनी विभिन्न न्यायसंगत मांगों और पुलिसिया उत्पीड़न के विरोध में मथुरा-वृंदावन के ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने तीन दिवसीय देशव्यापी बंद की तर्ज पर स्थानीय हड़ताल की घोषणा कर दी है। शनिवार सुबह 10 बजे ऑटो यूनियन की अहम बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। यदि प्रशासन और चालकों के बीच समय रहते सहमति नहीं बनी, तो 12 जुलाई से लेकर 14 जुलाई तक धर्मनगरी की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप होने की आशंका है। 27 हजार चालक होंगे शामिल मथुरा-वृंदावन ऑटो यूनियन के अध्यक्ष राजकुमार कुशवाहा ने हड़ताल की पुष्टि करते हुए बताया कि नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 27 हजार ऑटो और ई-रिक्शा चालक इस तीन दिवसीय हड़ताल में पूरी एकजुटता के साथ शामिल हो रहे हैं। इस सामूहिक फैसले के बाद वीकेंड और आगामी दिनों में आने वाले हजारों देश-विदेशी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय कामकाजी लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए भारी परेशानी से जूझना पड़ेगा। विशेषकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बांके बिहारी मंदिर और जन्मभूमि मार्ग पर यात्रियों को पैदल ही सफर तय करना पड़ सकता है। पुलिस उत्पीड़न और भारी-भरकम चालान से फूटा गुस्सा ऑटो यूनियन का सीधा आरोप है कि पिछले चार महीनों से स्थानीय पुलिस, यातायात पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा गरीब चालकों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। चालकों का कहना है कि बेहद छोटी-छोटी कमियों या मामूली बातों को लेकर उन पर 20-20 हजार रुपये तक के भारी-भरकम जुर्माने थोपे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, बिना किसी ठोस विधिक कारण के उनके वाहनों को सीज (Seize) कर थानों में खड़ा किया जा रहा है, जिससे उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इसी तानाशाही रवैये के खिलाफ चालकों का गुस्सा फूट पड़ा है। मथुरा-वृंदावन ऑटो यूनियन की प्रमुख मांगें मथुरा-वृंदावन ऑटो यूनियन ने अपनी तीन दिवसीय हड़ताल को वापस लेने के लिए जिला प्रशासन के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं, जिसमें चालकों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी रूट प्रणाली को तत्काल प्रभाव से समाप्त करना शामिल है। इसके साथ ही यूनियन ने वाहनों के किए जा रहे भारी-भरकम चालान और गाड़ियाँ सीज करने की एकतरफा कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। चालकों की यह भी मांग है कि शहर में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए उचित व स्थायी पार्किंग स्थलों का निर्माण किया जाए और उन्हें मूलभूत सुविधाएं दी जाएं। यूनियन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा उनकी इन जायज मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो निर्धारित तीन दिनों तक मथुरा और वृंदावन की सड़कों पर चक्का जाम रहेगा। फिलहाल, इस बड़े ऐलान के बाद भी जिला प्रशासन या परिवहन विभाग की ओर से स्थिति को संभालने या चालकों से वार्ता करने के लिए कोई आधिकारिक कदम सामने नहीं आया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि नौसेना में शामिल; राजनाथ सिंह बोले— ‘यह आत्मनिर्भर भारत की ताकत का प्रतीक’ ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]