यूनिक समय, मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां प्रसिद्ध बाल कथा वाचक अभिनव अरोड़ा की डस्टर कार धूं-धूं कर जलकर राख हो गई। यह दुर्घटना सुरीर थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइल स्टोन-84 के पास रात करीब 2 बजे घटित हुई। उस समय अभिनव अरोड़ा अपने माता-पिता और बहन के साथ वृंदावन से दर्शन कर वापस दिल्ली लौट रहे थे। गनीमत यह रही कि कार से धुआं उठते ही सभी लोग तुरंत बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और पूरा परिवार सुरक्षित है। चलती कार के इंजन से उठा धुआं पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बाल कथा वाचक अभिनव अरोड़ा के पिता तरुण अरोड़ा खुद डस्टर कार चलाकर परिवार को वृंदावन से दिल्ली ले जा रहे थे। कार जैसे ही यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरीर इलाके में पहुंची, अचानक उसके इंजन से तेज धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए तरुण अरोड़ा ने फौरन कार को एक्सप्रेसवे के किनारे रोका। कार रुकते ही अभिनव, उनके माता-पिता और बहन तेजी से बाहर की तरफ भागे। सभी के बाहर निकलते ही कार ने विकराल रूप धारण कर लिया और वह बीच सड़क पर धूं-धूं कर जलने लगी। फायर ब्रिगेड ने आधे घंटे में पाया काबू पीड़ित परिवार द्वारा सूचना दिए जाने के तुरंत बाद सुरीर थाना पुलिस फायर ब्रिगेड की टीम को साथ लेकर मौके पर पहुंच गई। आग इतनी भयानक थी कि उसकी ऊंची-ऊंची लपटें दूर से ही देखी जा सकती थीं। स्थिति को संभालने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों को लगाया गया, जिन्होंने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। हालांकि, तब तक डस्टर कार पूरी तरह से जलकर लोहे का ढांचा बन चुकी थी। इस दौरान एक्सप्रेसवे से गुजर रहे राहगीर रुककर जलती कार का वीडियो बनाने लगे, जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर और सख्ती दिखाते हुए वहां से हटाया। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DaumORzld_4/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] 2 दिन में परिवार के साथ हुए दो हादसे हादसे के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक्सप्रेसवे पर ही दूसरी गाड़ी का प्रबंध किया, जिसमें अभिनव अरोड़ा और उनके परिजनों को बैठाकर सुरक्षित दिल्ली के लिए रवाना किया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में आग लगने की वजह कार में आई कोई तकनीकी खराबी (शॉर्ट सर्किट) मानी जा रही है। इस घटना के बाद अभिनव के परिजनों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पिछले 2 दिनों के भीतर उनके परिवार के साथ यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले 11 जुलाई की रात को जब वे दिल्ली से वृंदावन आ रहे थे, तब भी उनकी गाड़ी में हादसा हुआ था और अब 12 जुलाई की रात को वापसी के समय यह अग्निकांड हो गया। परिजनों ने भगवान का आभार जताते हुए कहा कि दोनों ही हादसों में गाड़ियां पूरी तरह नष्ट हो गईं, लेकिन उनके परिवार को खरोंच तक नहीं आई। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: जिले के तीन SDM और एक सहायक नगर आयुक्त समेत 4 PCS अधिकारियों के हुए तबादले; नए चेहरों की होगी एंट्री ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]