यूनिक समय, नई दिल्ली। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें विश्व फुटबॉल का बेताज बादशाह क्यों कहा जाता है। बुधवार रात को खेले गए बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से धूल चटाकर लगातार दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब 19 जुलाई को होने वाले खिताबी मुकाबले में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। एक समय अर्जेंटीना की टीम 85वें मिनट तक 0-1 से पिछड़ रही थी और उसकी हार तय लग रही थी, लेकिन आखिरी 7 मिनटों के भीतर मेसी के जादुई पास और अर्जेंटीना के पलटवार ने पूरा पासा पलट दिया और इंग्लैंड का विश्व कप जीतने का सपना चकनाचूर कर दिया। एंथनी गॉर्डन ने इंग्लैंड को दिलाई थी बढ़त मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। दूसरे हाफ की शुरुआत में इंग्लैंड ने आक्रामक रुख अपनाया। मैच के 55वें मिनट में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन के एक लंबे पास को अर्जेंटीना का डिफेंस पूरी तरह क्लियर नहीं कर पाया, जिसका फायदा उठाते हुए डेक्लन राइस ने गेंद मॉर्गन रोजर्स की तरफ बढ़ा दी। रोजर्स ने दाईं ओर से एक सटीक क्रॉस डाला, जिस पर एंथनी गॉर्डन ने बिना कोई गलती किए बॉक्स के अंदर से गेंद को नेट में डाल दिया। इस गोल के साथ ही इंग्लैंड 1-0 से आगे हो गया और जीत की ओर बढ़ता दिख रहा था। पहला हाफ: फुटबॉल कम, जंग ज्यादा शुरुआती मिनटों से ही यह मुकाबला बेहद आक्रामक और तनावपूर्ण रहा। मैच के तीसरे ही मिनट में इंग्लैंड के इलियट एंडरसन पर एक हार्ड टैकल के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए, जिसके बाद रेफरी इस्माइल एलफाथ को बीच-बचाव करना पड़ा। पूरे पहले हाफ में फाउल की भरमार रही। 37वें मिनट में मेसी को गलत तरीके से रोकने पर इंग्लैंड के एंडरसन को येलो कार्ड मिला, तो वहीं 42वें मिनट में जूड बेलिंगहम की जर्सी खींचने पर अर्जेंटीना के लिसांद्रो मार्टिनेज को भी रेफरी ने कार्ड दिखाया। हाफ टाइम की सीटी बजने के बाद भी खिलाड़ी रेफरी से बहस करते नजर आए। आखिरी 7 मिनट में मेसी का जादू अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले के अंतिम पलों में जब अर्जेंटीना पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था, तब कप्तान लियोनेल मेसी ने अपने अद्भुत अनुभव और खेल कौशल का लोहा मनवाया। मैच के 86वें मिनट में अर्जेंटीना को एक कॉर्नर मिला, जिस पर मेसी ने सूझबूझ दिखाते हुए शॉर्ट कॉर्नर खेला और गेंद एंजो फर्नांडेज की तरफ पास कर दी। फर्नांडेज ने बिना कोई समय गंवाए करीब 25 गज की दूरी से एक ऐसा रॉकेट शॉट लगाया जो इंग्लैंड के खिलाड़ियों और गोलकीपर पिकफोर्ड को छकाते हुए सीधे नेट में जा समाया, जिसके बाद भावुक हुए एंजो रो पड़े और स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ गया। इसके बाद जब मैच एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी ने दाईं ओर से एक बेहद सटीक और खूबसूरत क्रॉस बॉक्स के अंदर डाला। इस शानदार पास पर सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे स्ट्राइकर लॉटारो मार्टिनेज ने हवा में उछलकर एक कड़क हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट के अंदर भेज दिया और अर्जेंटीना को 2-1 की ऐतिहासिक व अजेय बढ़त दिला दी। अर्जेंटीना के पास चौथा खिताब जीतने का सुनहरा मौका यह अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास का 7वां वर्ल्ड कप फाइनल होगा। इससे पहले टीम 1930, 1978, 1986, 1990, 2014 और 2022 में फाइनल का सफर तय कर चुकी है। अर्जेंटीना ने 1978, 1986 और 2022 में चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की थी। अब लियोनेल मेसी के पास इतिहास दोहराते हुए लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार अर्जेंटीना को विश्व विजेता बनाने का स्वर्णिम मौका है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: मथुरा में भीषण हादसा; स्कूल बस ने कक्षा 2 के छात्र नितिन को कुचला, मौके पर मौत ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]