Wed, Jul 22nd, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Ebola Outbreak: कांगो में इबोला का भीषण प्रकोप; अब तक 999 लोगों की मौत, 2,473 मामले आए सामने

by Tarun Bhardwaj • July 22, 2026
Severe Ebola outbreak in Congo

Ebola Outbreak: कांगो में इबोला का भीषण प्रकोप; अब तक 999 लोगों की मौत, 2,473 मामले आए सामने

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। मध्य अफ्रीकी देश कांगो (लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार अत्यंत भयावह रूप धारण करता जा रहा है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस जानलेवा महामारी की चपेट में आकर अब तक कम से कम 999 लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इसे इतिहास का सबसे तेजी से फैलने वाला इबोला प्रकोप घोषित कर दिया है।

2,473 मामले आए सामने

स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक सोमवार तक इबोला के कुल 2,473 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 999 मरीजों की मौत हो चुकी है तथा 737 से अधिक मरीज फिलहाल विभिन्न अस्पतालों और विशेष आइसोलेशन केंद्रों में भर्ती हैं; वहीं 15 मई को घोषित हुआ यह नया प्रकोप मुख्य रूप से ‘बुंडीबुग्यो इबोला वायरस’ (Bundibugyo virus) प्रजाति के कारण पिछले सभी इबोला प्रकोपों की तुलना में बेहद अलग और घातक है, जिसके खिलाफ फिलहाल दुनिया में कोई भी स्वीकृत टीका या सटीक उपचार उपलब्ध नहीं है।

2013-16 की महामारी से भी अधिक जानलेवा

यह नया प्रकोप इतिहास के किसी भी अन्य इबोला फैलाव से कहीं अधिक तीव्र गति से मौतों का कारण बन रहा है। वर्ष 2013 से 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में फैले सबसे बड़े इबोला प्रकोप में 28,000 मामलों के दौरान 11,000 से अधिक मौतें हुई थीं, लेकिन तब मृतकों का आंकड़ा 1,000 तक पहुंचने में लगभग 8 महीने का समय लगा था। वहीं, वर्तमान प्रकोप ने कुछ ही महीनों में इस आंकड़े को छू लिया है।

80% मामलों में संक्रमण का स्रोत अज्ञात

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बेहद चिंताजनक चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि नए संक्रमितों में से लगभग 80 प्रतिशत मामले ऐसे हैं जिनकी संपर्क श्रृंखला का कोई अता-पता न होने से वायरस स्वास्थ्य तंत्र की निगरानी क्षमता से कई गुना तेजी से फैल रहा है, वहीं महामारी के मुख्य केंद्र इतुरी के अलावा चार अन्य प्रांतों में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है जहां सुरक्षा संकट के कारण अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को इलाकों से हटना पड़ा है और वेतन न मिलने के विरोध में स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से मरीजों की देखभाल बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

विश्व स्वास्थ्य निकायों की चेतावनी

घाना में आयोजित अफ्रीका स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन (Africa Health Summit) के दौरान ‘अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया ने वैश्विक समुदाय से तुरंत कड़े कदम उठाने की अपील की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि हम आज इस प्रकोप को नियंत्रित करने में विफल रहते हैं, तो यह आधुनिक इतिहास में दुनिया के सबसे भयानक और विनाशकारी इबोला प्रकोपों में से एक बन जाएगा।”

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Vrindavan: गुरु पूर्णिमा से पहले वृंदावन पहुंचे विराट-अनुष्का; नंगे पैर चलकर किए संत प्रेमानंद महाराज जी के किए दर्शन

ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे  WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

16 साल बाद भारत लौटेंगे आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी गुरु पूर्णिमा से पहले वृंदावन पहुंचे विराट कोहली -अनुष्का जंतर-मंतर पर उग्र प्रदर्शन के बाद दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला पटना में छात्र संगठन आइसा का उग्र प्रदर्शन रेलवे ने 4,098 पदों पर निकाली बंपर भर्तीया NEET टॉपर पंशुल बंसल ने प्रदर्शन में जाने के बजाय पढ़ाई पर किया फोकस NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज पर संसद में हंगामा राहुल-प्रियंका की गिरफ्तारी के विरोध में सड़कों पर उतरी कांग्रेस