यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और आर्थिक विकास के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को अपनी जीवनशैली में अपनाने का आह्वान किया है। मंगलवार को जारी एक विशेष वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने देश के धन को देश में ही रखने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘Wed in India’ (भारत में ही विवाह) के विचार पर विशेष जोर दिया। 'वेड इन इंडिया' अपनाने का आग्रह विदेशों में शादियों के बढ़ते चलन पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री ने 'वेड इन इंडिया' अपनाने का आग्रह किया है और भव्य शादियों को विदेश में आयोजित करने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गैर-जरूरी विदेश यात्राओं और विदेशों में शादियां करने से बचकर देश के भीतर ही उपलब्ध गंतव्यों को प्राथमिकता दी जाए। पीएम मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि विवाह समारोह भारत में आयोजित करने से देश की पूंजी देश के विकास में काम आएगी, स्वदेशी और स्थानीय खपत को बढ़ावा देने से घरेलू उद्योगों और रोजगार में वृद्धि होगी, तथा आवश्यकता न होने पर सोने में अत्यधिक निवेश करने से बचकर उस पैसे को उत्पादक आर्थिक गतिविधियों में लगाया जा सकता है। क्यों पड़ी 'Wed in India' की जरूरत? आंकड़ों के नजरिए से समझें कि आखिरकार 'Wed in India' अभियान की जरूरत क्यों पड़ी। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2025 में हर चार में से एक शादी डेस्टिनेशन वेडिंग रही, जिसके चलते विदेशों में होने वाली शादियों में भारतीयों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा देश से बाहर खर्च हो जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में जहां अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन वेडिंग का औसत खर्च करीब ₹1.5 करोड़ रहा, वहीं भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग का औसत खर्च लगभग ₹58 लाख दर्ज किया गया। इस दौरान थाइलैंड, यूएई, वियतनाम और श्रीलंका भारतीयों के पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन बनकर उभरे, जबकि इटली और ग्रीस जैसे यूरोपीय देशों को अत्यधिक लग्जरी विवाह समारोहों के लिए चुना गया। इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय शादियों से जुड़े ट्रैवल इंश्योरेंस की खरीद में भी लगातार दो वर्षों तक 27.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि देखी गई है। प्रधानमंत्री का मानना है कि इस भारी-भरकम खर्च और धन को भारत में ही रोककर देश के स्थानीय पर्यटन, होटल उद्योग और हस्तशिल्प क्षेत्र को अभूतपूर्व गति दी जा सकती है। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/Dcusqf4J5Nc/?utm_source=ig_web_copy_link&igsi=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] 7.8% की ऐतिहासिक GDP ग्रोथ के साथ आगे बढ़ता भारत प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब भारत ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 7.8 प्रतिशत की जबरदस्त GDP वृद्धि दर हासिल की है। सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) के आंकड़ों के अनुसार, भारत की वास्तविक GDP ₹81.36 लाख करोड़ तक पहुंच गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹75.46 लाख करोड़ थी। ग्लोबल तनाव और सप्लाई चेन की बाधाओं के बावजूद भारत की इस तेज प्रगति को पीएम मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलकर ही भारत वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के सपने को साकार कर सकता है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज; नगर आयुक्त ने देर रात व्यवस्थाओं का लिया जायजा ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]