यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि भारत इस ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका से एक खास शर्त पूरी होने का इंतजार कर रहा है। भारत की मुख्य मांग है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों को उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर यानी 'प्रिफरेंशियल' टैरिफ रेट दिया जाए। जैसे ही अमेरिका इस पर सहमति जताएगा, समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर टैरिफ क्यों जरूरी? वाणिज्य मंत्रालय की एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धा बांग्लादेश, वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों से है। यदि अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर इन देशों की तुलना में कम शुल्क (टैरिफ) लगाया जाता है, तो भारतीय कंपनियों और निर्यातकों को कीमत के मोर्चे पर सीधा फायदा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत समेत कई देशों के उत्पादों पर अतिरिक्त 10 फीसदी टैरिफ लागू किया है, जिसके कारण दोनों देशों के बीच वार्ता नए सिरे से आगे बढ़ रही है। सितंबर के अंत में अमेरिका जाएंगे केंद्रीय मंत्री द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को गति देने के लिए पीयूष गोयल सितंबर के आखिरी सप्ताह में अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। वहां वे G20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने के साथ-साथ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। भारत के लिए यह समझौता बेहद रणनीतिक है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने अमेरिका को लगभग 87 अरब डॉलर का निर्यात किया है। वैश्विक स्तर पर भारत का मजबूत होता FTA नेटवर्क केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि भारत दुनिया भर के प्रमुख देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का दायरा लगातार बढ़ा रहा है। ब्रिटेन, मॉरीशस, ओमान, यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते पहले ही प्रभावी हो चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ, न्यूजीलैंड के साथ एग्रीमेंट जल्द लागू होने की उम्मीद है, जबकि यूरोपीय संघ (EU) सहित कई अन्य देशों के साथ वार्ता अंतिम चरणों में चल रही है। 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर एक्सपोर्ट का विशाल लक्ष्य भारत सरकार ने चालू वर्ष के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर के कुल निर्यात का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में ही भारत का निर्यात बढ़कर 317 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 280 अरब डॉलर था। केंद्र सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश के कुल निर्यात को 2 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े तक पहुंचाना है, जिसमें अमेरिका के साथ होने वाली यह ट्रेड डील रीढ़ की हड्डी साबित होगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: मथुरा पहुंचे सीएम योगी; 1051 करोड़ की 229 योजनाओं की दी सौगात, स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया भव्य लोकार्पण ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]