यूनिक समय, नई दिल्ली। मुंबई स्थित देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद तीन दिनों से चल रहा छात्रों का उग्र विरोध प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया है। संस्थान प्रशासन द्वारा छात्रों की 18 सूत्रीय मांगों के चार्टर पर हस्ताक्षर करने और आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को निलंबित किए जाने के बाद यह सहमति बनी है। देर रात बैठक में मांगों पर बनी सहमति 20 सितंबर की देर रात IIT Bombay के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ लंबी बैठक की। छात्रों की ओर से रखे गए 18 सूत्रीय मांग पत्र पर संस्थान प्रशासन ने हस्ताक्षर कर सहमति व्यक्त की है। छात्रों की मुख्य मांगों में शामिल फैकल्टी सदस्य प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को मामले में तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। समझौते के तहत लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन और आगे की रूपरेखा को लेकर आगामी 'ओपन हाउस' में आधिकारिक घोषणा की जाएगी। छात्रों की मुख्य मांगे और अल्टीमेटम छात्रों ने केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि संस्थान में कई बुनियादी और प्रशासनिक बदलावों की भी मांग की है। संस्थान साहिल के संबंध में सोशल मीडिया पोस्ट पर दी गई अधूरी जानकारी को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, जिसकी अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर और अंतिम रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक जारी की जाए। कैंपस अस्पताल में 24 घंटे मनोचिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और काउंसलिंग सेवाओं में सुधार हो। प्रोफेसरों के लिए आचार संहिता बनाई जाए और फैसलों में छात्रों की भागीदारी बढ़ाई जाए। यदि मांगें एक महीने के भीतर पूरी नहीं हुईं, तो निदेशक और डीन को इस्तीफा देना होगा। क्या है पूरा मामला? IIT Bombay के ऊर्जा विज्ञान विभाग का छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। संस्थान का कहना था कि साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। वहीं, साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर पिछले तीन महीनों से साहिल को कथित तौर पर जातिसूचक बातें कह रहे थे। साथ ही, उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस कार्रवाई साहिल के पिता की शिकायत के बाद मुंबई की पवई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर उन्हें मुख्य आरोपी बनाया है। प्रोफेसर डुल्ला डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में कार्यरत हैं और पिछले एक दशक से अधिक समय से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Bihar: जमुई में सड़क पर जा रहे नाबालिग जोड़े से बदसलूकी और ‘बैड टच; वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस, FIR दर्ज ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]