यूनिक समय, नई दिल्ली। दुनिया भर में तेजी से पांव पसार रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अब अमेरिकी प्रशासन में इस तकनीक को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) की जगह 'सुपर इंटेलिजेंस' (SI) कहा जाएगा। इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक आधिकारिक कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर भी हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस निर्णय से पहले ट्रंप ने टेक जगत की प्रमुख हस्तियों—मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और एलन मस्क सहित कई दिग्गज टेक लीडर्स के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी की। कार्यकारी आदेश में सख्त निर्देश राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जारी कार्यकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संघीय सरकार और उसके अंतर्गत आने वाली सभी कार्यकारी शाखाएं अब आधिकारिक पत्राचार और नीतियों में केवल 'सुपर इंटेलिजेंस' और 'SI' शब्दावली का ही प्रयोग करेंगी। आदेश के अनुसार, संघीय सरकार द्वारा उपयोग की जाने वाली शब्दावली में इस तकनीक की क्रांतिकारी क्षमताओं और अमेरिकी नागरिकों के लिए उत्पन्न होने वाले असीमित अवसरों की स्पष्ट झलक दिखनी चाहिए। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द इस आधुनिक तकनीक की अपार क्षमता, संभावनाओं और तेजी से बढ़ रही खूबियों का सही और सटीक प्रतिनिधित्व करता है। इसके साथ ही यह सख्त हिदायत दी गई है कि आधिकारिक स्तर पर 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' या 'AI' शब्द के प्रयोग को अब किसी भी स्थिति में मान्यता नहीं दी जाएगी। ट्रंप बोले— 'यह कृत्रिम नहीं है, इंटरनेट से भी बड़ी क्रांति है' नाम बदलने के इस फैसले पर अपनी बात रखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस तकनीक को कृत्रिम (Artificial) कहना तर्कसंगत नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा "हम इसका नाम बदलकर 'सुपर इंटेलिजेंस' कर रहे हैं क्योंकि यह बिल्कुल भी आर्टिफिशियल नहीं है। यह शायद मानव इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी खोज है, जो इंटरनेट से भी कहीं अधिक व्यापक और असरदार है। यह हमारे देश के विकास के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।" AI के खतरों को ट्रंप ने बताया भ्रम गौरतलब है कि ट्रंप शुरू से ही इस तकनीक के विकास पर किसी भी तरह के प्रतिबंध या रुकावट के खिलाफ रहे हैं। AI से भविष्य में होने वाले खतरों और आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह दाव-पेंच कि 'रोबोट शहरों पर कब्जा कर लेंगे या इंसानों को खत्म कर देंगे', पूरी तरह से बेबुनियाद है। अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले के बाद अब वैश्विक टेक जगत में AI बनाम SI की इस नई शब्दावली को लेकर बहस छिड़ गई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: चुनाव आयोग का फैसला; वोटर फॉर्म 6 से हटाया गया अतिरिक्त घोषणापत्र, 2003 के रिकॉर्ड वाले कॉलम से मिली राहत ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]