यूनिक समय, नई दिल्ली। रूस के साइबेरिया क्षेत्र में इरकुत्स्क के पास शेलेखोव स्थित 'एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट' में एक लैब कर्मचारी की मौत के बाद प्लेग फैलने की आशंका से हड़कंप मच गया है। रूसी सरकारी न्यूज़ एजेंसी TASS की रिपोर्ट के अनुसार, यह लैब दुनिया की सबसे खतरनाक और संक्रामक बीमारियों पर शोध करने के लिए जानी जाती है। कर्मचारी की मौत के बाद सुरक्षा मानकों के तहत लगभग 200 कर्मचारियों को एहतियातन क्वारंटीन किया गया है। अज्ञात निमोनिया के कारण मौत रूस की संघीय स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी 'रोस्पोट्रेबनादजोर' (Rospotrebnadzor) के अनुसार, मृतक कर्मचारी को अज्ञात कारणों वाला निमोनिया था, जिसका असर लगातार बढ़ने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। इस मौत के बाद न्यूमोनिक प्लेग के संभावित मामले को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में इरकुत्स्क शहर, पूरे इरकुत्स्क क्षेत्र और शेलेखोव की स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में और स्थिर है। आपात बैठक और गवर्नर की अपील घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय एंटी-एपिडेमिक परिषद की एक आपात बैठक बुलाई गई। इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने बताया कि क्षेत्र के एक निवासी में अत्यंत खतरनाक संक्रमण का संदिग्ध मामला सामने आने के बाद यह बैठक आयोजित की गई थी। गवर्नर ने जनता से किसी भी प्रकार के पैनिक में न आने की अपील की है और भरोसा जताया है कि स्थिति नियंत्रण में है। मास्क के निर्देश, अफवाहों पर रोक और लॉकडाउन का डर रिसर्च सेंटर के समीप स्थित एक इंडस्ट्रियल एल्युमीनियम फैसिलिटी (इरकुत्स्क एल्युमिनियम प्लांट) ने एहतियातन अपने कर्मचारियों को फेस कवरिंग (मास्क) का उपयोग करने का निर्देश दिया है। प्लांट के प्रमुख आर्टेम फोमिनिख ने चल रही अफवाहों के बीच लोगों को शांत रहने की सलाह दी है। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों में संभावित लॉकडाउन को लेकर डर का माहौल बन गया है, जबकि रूसी अधिकारी बार-बार सार्वजनिक स्वास्थ्य माहौल के स्थिर होने पर जोर दे रहे हैं। चिकित्सा निगरानी और लैब टेस्ट नेगेटिव रोस्पोट्रेबनादजोर के प्रमुख गेनाडी ओनिशचेंको ने स्पष्ट किया है कि साइबेरियन पैथोजन संभवतः प्लेग नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि प्लेग की पुष्टि हो भी जाती है, तो भी इसे फैलने नहीं दिया जाएगा। मृतक के निकट संपर्क में आए सभी लोगों को चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। वर्तमान में उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं और उनके लैब टेस्ट के परिणाम नेगेटिव आए हैं। क्या होता है प्लेग? वैज्ञानिक संदर्भों के अनुसार, प्लेग Yersinia pestis नामक बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है। इसका एक रूप 'न्यूमोनिक प्लेग' है, जो सीधे श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के जरिए दूसरों में फैल सकता है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और खांसी शामिल हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Jio IPO: देश का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में जियो; 21 अक्टूबर को खुल सकता है इश्यू, जानिए सभी प्रमुख डिटेल्स [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]