यूनिक समय, मथुरा। संत प्रेमानंद महाराज और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली से जुड़े विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। 5 करोड़ रुपये देकर दर्शन कराने के आरोपों को क्रिकेटर विराट कोहली के प्रवक्ता द्वारा पूरी तरह से निराधार और असत्य बताए जाने के बाद, दिनेश फलाहारी महाराज ने मामले में फिर पलटवार किया है। फलाहारी महाराज ने अपने पूर्व के दावों को सही ठहराते हुए लेन-देन की विस्तृत जानकारी साझा की है और खातों की जांच कराने की बात कही है। फलाहारी महाराज का नया दावा विराट कोहली के प्रवक्ता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि 5 करोड़ रुपये का मामला कोई झूठ नहीं है और उन्होंने इस संबंध में विस्तृत विवरण पेश किया। फलाहारी महाराज के अनुसार, वर्ष 2023 में जब विराट कोहली पहली बार प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे, तब 2 करोड़ रुपये बाबा के सेवादार के खाते से ट्रांसफर किए गए थे, जिसके बाद 3 करोड़ रुपये कैश (जिसमें से 1 करोड़ रुपये दिल्ली स्थित विराट कोहली के आवास पर) पहुंचाए गए थे। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी को विश्वास न हो, तो महाराज जी के सेवादारों, पीआर कंपनी और विराट कोहली की कंपनी के खाते चेक करवा लें, जिससे 2023 की इस घटना की सच्चाई सामने आ जाएगी। इसके अलावा फलाहारी महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में वृंदावन में बनाए जा रहे विभिन्न आश्रमों में भी क्रिकेटर का पैसा लगा हुआ है। 'राधा रानी के उपासक बने विराट कोहली, लौटाया कई गुना पैसा' अपने वक्तव्य के अगले भाग में फलाहारी महाराज ने क्रिकेटर के प्रति सकारात्मक बातें जोड़ते हुए कहा कि शुरुआती घटनाक्रम के बाद जब विराट कोहली के मन में भक्ति भावना जगी और वे राधा रानी के उपासक बने, तो वे पुनः महाराज जी के पास लौटकर आए। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद विराट कोहली ने जो लिया था, उसका कई गुना पैसा वापस कर दिया। फलाहारी महाराज ने आगे बताया कि आज विराट कोहली कोई बुरे व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के बड़े साधक बन चुके हैं और आश्रम में रहकर साधना करने वाले हजारों साधकों के भोजन की पूरी व्यवस्था संभालते हैं। इसके साथ ही फलाहारी महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। [embedpress]https://x.com/tarunjatav50/status/2107787478866256299?s=20[/embedpress] क्रिकेटर के प्रवक्ता ने दावों को बताया था निराधार भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के आधिकारिक प्रतिनिधि द्वारा जारी बयान में दिनेश फलाहारी महाराज के दावों को पूरी तरह से असत्य और तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया गया था। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि विराट कोहली का आश्रम में आगमन केवल उनकी व्यक्तिगत और गहरी आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। इसके साथ ही मीडिया एवं जनता से अपील की गई थी कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के इन दावों को आगे न बढ़ाएं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Vrindavan: ‘केली कुंज’ आश्रम पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज; साधक रसिक दुलारी प्रकरण के 14 दिन बाद भक्तों को दिए दर्शन ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]