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Mathura News: बांकेबिहारी मंदिर में पेड़े और फूलमाला फेंकने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध; जांच कमेटियां गठित

by Tarun Bhardwaj • October 15, 2026
Complete ban imposed on throwing pedas and flower garlands at the Banke Bihari Temple Vrindavan

Mathura News: बांकेबिहारी मंदिर में पेड़े और फूलमाला फेंकने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध; जांच कमेटियां गठित

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यूनिक समय, वृंदावन। मथुरा के प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार के लिए श्रीबांकेबिहारी हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की 20वीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रिटर्येड न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में लक्ष्मण शहीद स्मारक कार्यालय में हुई इस दो घंटे लंबी बैठक में कुल 16 प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें मंदिर में प्रसाद की शुद्धता, सेंट्रल एसी लगाने की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।

मंदिर में पेड़े और फूलमाला फेंकने पर पूरी तरह रोक

बैठक में यह मुद्दा उठाया गया कि श्रद्धालु मंदिर में पेड़े, फूल और तुलसी की माला फेंककर ठाकुरजी को अर्पित करते हैं, जिससे तुलसी की माला अक्सर पैरों के नीचे आती है, जो कि धार्मिक आस्था के प्रतिकूल है। इसे गंभीरता से लेते हुए कमेटी ने मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा पेड़े और माला फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए जल्द ही मंदिर के सभी द्वारों पर सार्वजनिक नोटिस चस्पा किए जाएंगे।

मिलावटी और नकली प्रसाद पर सख्ती

कमेटी ने मंदिर के आसपास दुकानों पर बिकने वाले नकली और मिलावटी पेड़ों पर भी कड़ी रोक लगाने का निर्णय लिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जतिन कुमार ने बताया कि पिछले एक साल में लिए गए 106 सैंपलों में से 56 गुणवत्तापरक नहीं पाए गए हैं, जिनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को मंदिर के आसपास निरंतर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

सेंट्रल एसी लगाने से पहले विशेषज्ञों की जांच टीम गठित

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बांकेबिहारी मंदिर में सेंट्रल एसी (Air Conditioning) लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। चूंकि मंदिर डेढ़ सौ साल से अधिक पुराना है, इसलिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने विशेषज्ञों की राय लेने की सलाह दी है। इसे ध्यान में रखते हुए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक्सईएन व सिविल इंजीनियरों की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह टीम जांच करेगी कि एसी लगाने से मंदिर की संरचना को कोई नुकसान तो नहीं पहुँचेगा। तीन हफ्ते में रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

चांदी के सामान और लपकों पर रोक को लेकर चर्चा

बैठक में चांदी के सिंहासन, रथ और शेषनाग की जांच को लेकर बनी समिति की रिपोर्ट पर चर्चा हुई, जिसमें कुछ सेवायत सदस्यों ने इसे मंदिर की परंपरा का हिस्सा न बताते हुए अपनी बात रखी। इसके साथ ही, मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं को परेशान करने वाले और बहलाकर ले जाने वाले लपकों पर अंकुश लगाने के लिए उनकी पहचान सुनिश्चित कर कड़ी कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी है। कमेटी के सचिव एवं जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और मंदिर के सेवायत सदस्य इस बैठक में मौजूद रहे, जिनका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराना है।

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