यूनिक समय, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा के पर्व का विशेष और पवित्र महत्व है। आश्विन मास की इस पूर्णिमा को बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी संपूर्ण सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर आसमान में चमकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष रात को चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है, जिसके चलते देश भर में खुले आसमान के नीचे खीर रखने और अगले दिन उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की सदियों पुरानी परंपरा निभाई जाती है। चांदनी रात में खीर रखने की परंपरा और मान्यता शरद पूर्णिमा की रात को लोग अपने घरों की छतों या खुले स्थानों पर दूध और चावल से बनी खीर रखते हैं। यह मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों के सीधे संपर्क में आने से खीर में औषधीय और विशेष गुण आ जाते हैं, जिसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से शरीर को आरोग्य और ऊर्जा मिलती है। हालांकि, विज्ञान इसे आस्था और परंपरा से जुड़ा विषय मानता है, लेकिन जनमानस में इस परंपरा के प्रति गहरी आदर-भाव और श्रद्धा आज भी बनी हुई है। मां लक्ष्मी की कृपा धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण के लिए निकलती हैं। इसलिए इसे 'कोजागरी पूर्णिमा' या 'रास पूर्णिमा' के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन रात्रि में माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने और रात्रि जागरण करने से घर में सुख-समृद्धि, वैभव और खुशहाली का आगमन होता है। भक्त पूरी रात जागकर भजन-कीर्तन करते हैं और मां लक्ष्मी से आशीर्वाद मांगते हैं। भगवान विष्णु और सत्यनारायण व्रत का विधान शरद पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त उपासना का भी विशेष विधान है। कई स्थानों पर श्रद्धालु सत्यनारायण भगवान की कथा सुनते हैं और अपने परिवार की सुख-शांति तथा आरोग्य की कामना करते हैं। इस दिन मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी विशेष अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। शुभ तिथि और चंद्रोदय का समय पंचांग के अनुसार इस वर्ष शरद पूर्णिमा की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 25 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:55 बजे से होगा और इसकी समाप्ति 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:41 बजे तक रहेगी, जबकि इस दौरान चंद्रोदय का समय शाम 5:00 बजे रहेगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Delhi: दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर की कांग्रेस रैली 10 नवंबर के बाद करने की अपील ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]