यूनिक समय, वृन्दावन। प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को अर्पित करने हेतु लाई जाने वाली तुलसी की मालाओं के प्रबंधन और वितरण प्रक्रिया को लेकर व्यवस्थागत सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु अत्यंत भक्ति भाव से तुलसी मालाएं साथ लाते हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं में असंतोष और धार्मिक भावनाओं के आहत होने की चिंता जताई जा रही है। तुलसी माला अर्पण और एकत्रण प्रक्रिया पर आरोप तुलसी माला अर्पण और एकत्रण प्रक्रिया पर आरोप के अंतर्गत बांकेबिहारी मंदिर परिसर में माला अर्पण को लेकर श्रद्धालुओं ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके तहत चरणों में न चढ़ाने के आरोप के संदर्भ में श्रद्धालुओं का कहना है कि वे जो तुलसी की मालाएं ठाकुरजी के लिए लेकर आते हैं, उन्हें भगवान के चरणों में अर्पित करने के बजाय एक तरफ एकत्र कर दिया जाता है। इसके साथ ही इस व्यवस्था के कारण बांकेबिहारी मंदिर परिसर में एकत्र की गई तुलसी की मालाओं का बड़ा ढेर या अंबार लग जाता है। प्रसादी माला वितरण और श्रद्धालुओं की चिंताएं प्रसादी माला वितरण और श्रद्धालुओं की चिंताओं के अंतर्गत एकत्र की गई मालाओं के वितरण तरीके को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसके तहत फेंककर वितरण करने के संदर्भ में यह बताया जाता है कि एकत्र की गई मालाओं को बाद में उठाकर श्रद्धालुओं की ओर फेंककर प्रसादी रूप में दिया जाता है। इसके साथ ही भीड़ के कारण कई बार श्रद्धालु फेंकी गई मालाओं को पकड़ नहीं पाते, जिससे वे जमीन पर गिर जाती हैं और लोगों के पैरों के नीचे आ जाती हैं, जिसके कारण श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होने की पूरी संभावना बनी रहती है। यमुना विसर्जन और सम्मानजनक व्यवस्था की मांग यमुना विसर्जन और सम्मानजनक व्यवस्था की मांग के अंतर्गत मालाओं के निस्तारण और भावी प्रबंधों को लेकर श्रद्धालुओं ने स्पष्ट विचार रखे हैं। इसके तहत यमुना जी में विसर्जन के संदर्भ में यह बात सामने आती है कि कुछ एकत्रित मालाओं को बाद में पवित्र यमुना नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। इसके साथ ही सम्मानपूर्वक अर्पण व वितरण को लेकर श्रद्धालुओं का स्पष्ट मानना है कि जब भक्त पूरी श्रद्धा के साथ तुलसी माला लाते हैं, तो उनके साथ व्यवहार भी सम्मानजनक होना चाहिए, इसलिए मालाओं को फेंकने के स्थान पर पहले ठाकुरजी के चरणों में अर्पित करने और तत्पश्चात उन्हें भक्तों को सम्मानपूर्वक प्रसादी रूप में लौटाने की सुचारू व्यवस्था होनी चाहिए। मंदिर प्रबंधन से समाधान की अपेक्षा स्थानीय भक्तों और श्रद्धालुओं ने मांग की है कि मंदिर प्रबंधन को इस पूरी प्रक्रिया पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। तुलसी मालाओं का अनादर होने से बचाने और धार्मिक आस्था के सम्मान हेतु एक उचित, सुरक्षित और व्यवस्थित समाधान निकाला जाना चाहिए। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Spain Train Collision: स्पेन के टोलेडो प्रांत में दो हाई-स्पीड ट्रेनों के बीच भीषण टक्कर; रेल मार्ग बाधित, राहत कार्य जारी ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]