यूनिक समय, नई दिल्ली। दिवाली का पावन पर्व खुशियों, रोशनी और अपनों के साथ मिलकर त्योहार मनाने का एक सुनहरा अवसर होता है। इस दिन बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी में पटाखे जलाने और आतिशबाजी देखने का विशेष उत्साह रहता है। खासकर बच्चे दिवाली के आते ही तरह-तरह के पटाखों की जिद करने लगते हैं। रंग-बिरंगी फुलझड़ियां, अनार और आसमान को रोशन करती आतिशबाजी उन्हें बेहद आकर्षित करती है। हालांकि, पटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं, तेज आवाज और हानिकारक गैसें पर्यावरण के साथ-साथ इंसानों, बुजुर्गों और बेजुबान जानवरों के स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होती हैं। बच्चों के साथ अपनाएं समझदारी भरा रवैया ऐसे में माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वे बच्चों को पटाखों से कैसे दूर रखें और साथ ही उनके त्योहार के उत्साह को भी कम न होने दें। बच्चों को बात-बात पर डांटने या उनकी जिद को पूरी तरह नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें प्यार से पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाना ज्यादा बेहतर और प्रभावी तरीका है। इस दिवाली आप कुछ ऐसे मजेदार और रचनात्मक (Creative) तरीके अपना सकते हैं, जिससे बच्चे बिना किसी आतिशबाजी के भी त्योहार का पूरा आनंद उठा सकें। बच्चों को पटाखों से दूर रखने के 5 शानदार तरीके बच्चों को सीधे तौर पर पटाखे जलाने से मना करने के बजाय उन्हें बेहद आसान और सरल भाषा में समझाएं कि पटाखों का धुआं हमारी हवा को दूषित करता है। इसकी तेज आवाज से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और घर के पालतू जानवरों को काफी परेशानी होती है। उन्हें यह अहसास कराएं कि साफ हवा, खुला आसमान और शांत वातावरण भी हमारी दीवाली की खुशियों का अहम हिस्सा हैं। बच्चों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए रंगोली बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। उन्हें विभिन्न रंगों, प्राकृतिक फूलों और हरी पत्तियों से सुंदर रंगोली डिजाइन तैयार करने दें। उनके साथ मिलकर नए दीये और रंगोली के पैटर्न बनाने से उनकी रचनात्मकता (Creativity) बढ़ेगी और उनका ध्यान पूरी तरह पटाखों से हट जाएगा। बच्चों को मिट्टी के दीये रंगने, फूलों की मालाओं से घर को सजाने और रोशनी की व्यवस्था करने में शामिल करें। उन्हें अपनी पसंद के रंग चुनने की आज़ादी दें, जिससे उन्हें त्योहार की तैयारियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का मौका मिले। इसके साथ ही, स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों से मिट्टी के दीये खरीदकर उनका आर्थिक सहयोग करने की सीख भी बच्चों को दें। बच्चों को किचन की गतिविधियों में अपने साथ जोड़ें। उनके साथ मिलकर बेसन के लड्डू, नारियल बर्फी या चॉकलेट जैसी मिठाइयां तैयार करें। छोटे बच्चों को गर्म तेल, गैस और धारदार चीजों से पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए हल्के-फुल्के काम सौंपे जा सकते हैं। घर पर मिलकर मिठाई बनाने से बच्चों को त्योहार का असली और अनूठा आनंद मिलेगा। बच्चों के लिए दिवाली के दिन छोटे-छोटे इंडोर गेम्स और सरप्राइज गिफ्ट्स का प्रबंध करें। आप घर पर 'दीया सजाओ प्रतियोगिता', रंगोली मेकिंग कॉन्टेस्ट या दिवाली स्पेशल क्विज का आयोजन कर सकते हैं। विजेता बच्चों को छोटे-छोटे उपहार देकर सम्मानित करें, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो जाएगा और वे बिना पटाखों के भी त्योहार को खुशी-खुशी सेलिब्रेट करेंगे। पर्यावरण संरक्षण की आदत और एक बेहतर संदेश बच्चों को सिर्फ पटाखे न जलाने की सलाह देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। माता-पिता को खुद भी पटाखों से दूरी बनाकर बच्चों के सामने एक बेहतरीन मिसाल पेश करनी चाहिए। बच्चों को समझाएं कि दिवाली का असली मतलब जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाना है। इस खास मौके पर गरीब बच्चों को मिठाइयां, नए कपड़े और खिलौने बांटने के लिए उन्हें प्रेरित करें। इस बार पटाखों के शोरगुल से दूर, दीयों की रोशनी, खूबसूरत रंगोली, घर की बनी मिठाइयों और परिवार के साथ बिताए गए अनमोल पलों के साथ अपनी दिवाली को हमेशा के लिए यादगार बनाएं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: UP Police Leave Cancelled: यूपी में 17 नवंबर तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द; DGP राजीव कृष्ण ने जारी किए सख्त आदेश ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]