यूनिक समय, नई दिल्ली। पुर्तगाल के महान फुटबॉलर और दुनिया भर के करोड़ों प्रशंसकों के चहेते क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का एक हैरान कर देने वाला और ऐतिहासिक ऐलान कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपने इस फैसले की पुष्टि करते हुए उन्होंने बताया कि वे अब पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। पिछले कुछ मुकाबलों के बाद काफी विचार-विमर्श करने के उपरांत उन्होंने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी छोड़ने और अपने 23 साल लंबे स्वर्णिम अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का फैसला किया। नवंबर ब्रेक के बाद वापस सौंप देंगे ऐतिहासिक नंबर-7 जर्सी पांच बार के बैलन डी'ओर (Ballon d'Or) विजेता 41 वर्षीय दिग्गज ने स्पष्ट किया है कि आगामी नवंबर में होने वाले इंटरनेशनल ब्रेक के बाद वे पुर्तगाल की मशहूर 'नंबर-7' जर्सी आधिकारिक तौर पर टीम प्रबंधन को वापस सौंप देंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का उनका सफर हमेशा के लिए थम जाएगा। 18 साल की उम्र में शुरू हुआ था सफर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 20 अगस्त 2003 को महज 18 वर्ष की आयु में कजाकिस्तान के खिलाफ खेला था। अपने 23 साल लंबे करियर में उन्होंने देश के लिए कुल 234 मुकाबले खेले और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इतिहास में सबसे ज्यादा 146 गोल करने का ऑल-टाइम रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके अलावा उनके नाम 46 असिस्ट भी दर्ज हैं। ओवरऑल करियर में अब तक कुल 985 गोल दाग चुके रोनाल्डो का अब मुख्य ध्यान क्लब फुटबॉल पर रहेगा, जहां वे 1,000 पेशेवर गोलों के जादुई आंकड़े को हासिल करना चाहते हैं। 6 फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी रोनाल्डो ने साल 2006 में जर्मनी वर्ल्ड कप से अपने विश्व कप सफर का आगाज किया था। इसके बाद वे 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 के फीफा वर्ल्ड कप में भी पुर्तगाल की टीम के मुख्य स्तंभ रहे। लगातार 6 अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले वे दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं। साथ ही, इन सभी 6 विश्व कप टूर्नामेंटों में गोल करने का बेमिसाल रिकॉर्ड भी केवल उन्हीं के नाम दर्ज है। वर्ल्ड कप में दागे 11 गोल, 2006 में रहे सेमीफाइनल तक अपने छह विश्व कप अभियानों के दौरान रोनाल्डो ने कुल 27 मैच खेले और 11 गोल दागे, जिसमें 2026 में उज्बेकिस्तान के खिलाफ किया गया ऐतिहासिक गोल भी शामिल है। हालांकि, उनके महान करियर में कभी फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाने का सपना पूरा नहीं हो सका। विश्व कप में पुर्तगाल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2006 में रहा था, जब टीम सेमीफाइनल में पहुंचकर चौथे स्थान पर रही थी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: IPL 2027 से पहले CSK और SRH के बीच 4 खिलाड़ियों की ट्रेड डील फाइनल; लियाम लिविंगस्टन की सैलरी में भारी कटौती ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]